Ration Card धारकों के लिए, खाद्य आपूर्ति विभाग भारत सरकार का महत्वपूर्ण और अनिवार्य सूचना जानना बेहद जरूरी है, कि डिजिटल आधार लिंक e-KYC के बिना अब राशन नहीं मिल पाएगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद परिवार को उसके हक का खाद्य पदार्थ पूरी ईमानदारी के साथ मिले। राशन माफिया या कोई दलाल किसी भी गरीब परिवार के उसके हक के खाद्य पदार्थ का गबन न कर सके।
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Ration Card:भारत सरकार द्वारा Ration वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना
राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी और अहम खबर सामने आई है। केंद्र और राज्य सरकारें अब राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। खाद्य आपूर्ति मंत्री मनोरंजन सिंह सिरसा ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान भी राशन वितरण बाधित न हो और सभी उचित मूल्य की दुकानें समय पर खुलें।
दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा तक राशन वितरण से जुड़ी नई व्यवस्थाएं लागू हो रही हैं, जिससे लाखों गरीब और जरूरतमंद परिवार प्रभावित होंगे।
दिल्ली में नई व्यवस्था: डिस्प्ले बोर्ड और पारदर्शिता पर जोर
राजधानी दिल्ली में विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि राशन की दुकानों पर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए दुकानों के बाहर डिस्प्ले बोर्ड अनिवार्य कर दिया गया है।
इन बोर्ड पर यह जानकारी लिखी होगी:
✓सतर्कता समिति का विवरण
✓श्रेणीवार पात्रता
✓स्टॉक की स्थिति
✓लाभार्थियों की संख्या
✓हेल्पलाइन नंबर
“वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC)” योजना की जानकारी
इसका उद्देश्य यह है कि राशन कार्ड धारकों को स्पष्ट और सटीक जानकारी मिले तथा किसी भी तरह की अनियमितता न हो।
उत्तर प्रदेश: बिना ई-केवाईसी वालों को नहीं मिलेगा राशन
उत्तर प्रदेश की 10,137 राशन दुकानों पर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब बिना ई-केवाईसी कार्ड धारकों को राशन नहीं मिलेगा। जिनका ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उनकी यूनिट को मशीन से हटा दिया गया है। मशीन में उनके नाम निलंबित के रूप में दिखेंगे। अब अंगूठे का निशान लगाने पर भी उन्हें राशन नहीं मिलेगा। गरीब और अनाथ बच्चों को छूट
हालांकि, 0 से 5 साल के बच्चों को इसमें राहत दी गई है। इस आयु वर्ग के 1,65,877 बच्चों को ई-केवाईसी प्रक्रिया से बाहर रखा गया है और उन्हें राशन का लाभ मिलता रहेगा।
Ration Card e-KYC: क्यों लागू हुआ नियम?
दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार लगातार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार रोकने के लिए काम कर रही है।
✓पहले तराजू को इलेक्ट्रॉनिक किया गया।
✓फिर रजिस्टर हटाकर ई-पुश मशीन लगाई गई।
✓इसके बाद 2,25,678 इकाइयों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किया गया।
लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने ई-केवाईसी नहीं कराई। अब सरकार ने सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि बिना ई-केवाईसी के बिना राशन नहीं मिलेगा।
Ration Card e-kyc ka राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की समीक्षा बैठक में यह जानकारी सामने आई कि सितंबर में राशन कोटे का लगभग 57% वितरण हो चुका है। इसके अलावा, वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना के तहत सितंबर में अब तक 14.45 लाख प्रवासी लाभार्थियों को राशन मिल चुका है। यह बताता है कि डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणाली के कारण अब प्रवासी मजदूर और गरीब लोग कहीं भी अपने हक का राशन ले सकते हैं।
राशन कार्ड ई-केवाईसी कैसे करें?
सबसे पहले अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Food & Civil Supplies Department) की आधिकारिक वेबसाइट या किसी नजदीक Common Service centre (CSC) केन्द्र पर जाएं।
✓होमपेज पर राशन कार्ड ई-केवाईसी / आधार सीडिंग का विकल्प चुनें।
✓अपना राशन कार्ड नंबर / राशन आईडी दर्ज करें।
✓अब अपने राशन कार्ड से जुड़े आधार नंबर भरें।
✓आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा।
✓OTP दर्ज करके सबमिट करें।
✓सफल सत्यापन के बाद आपकी e-KYC पूरी हो जाएगी।
Ration वितरण के लिए हरियाणा: खुलेंगे 6000 नए राशन डिपो
दिल्ली से सटे हरियाणा में भी बड़ी योजना बनाई गई है। राज्य सरकार जल्द ही 6000 नए राशन डिपो खोलने जा रही है। इनमें से 2000 डिपो महिलाओं को दिए जाएंगे, क्योंकि राज्य में 33% आरक्षण नीति लागू है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भेज दिया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलते ही आवंटन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
वर्तमान स्थिति
प्रदेश में फिलहाल 9434 राशन डिपो हैं।
गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 32 लाख परिवारों को सस्ता राशन मिल रहा है।
उपभोक्ताओं को तीन श्रेणियों – पीला, गुलाबी और खाकी रंग के राशन कार्ड – में बांटा गया है।
नए राशन डिपो खोलने के नियम हरियाणा सरकार ने स्पष्ट नियम बनाए हैं:
✓आवेदक की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
✓न्यूनतम योग्यता 12वीं पास होनी अनिवार्य है।
✓कंप्यूटर का ज्ञान होना जरूरी है।
✓आवेदक हरियाणा का निवासी होना चाहिए।
महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और रोजगार बढ़ सके।
राशन वितरण में नई तकनीक की भूमिका
राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए सरकारें अब डिजिटल और तकनीकी साधनों का उपयोग कर रही हैं। ई-पुश मशीन से हर लाभार्थी का रिकॉर्ड तुरंत अपडेट हो जाता है। ई-केवाईसी से फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा रहा है। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन की गड़बड़ी खत्म हो रही है।इससे न केवल भ्रष्टाचार पर रोक लग रही है, बल्कि आम लोगों को समय पर और सही मात्रा में राशन मिल रहा है।
निष्कर्ष की बात
केंद्र और राज्य सरकारों की यह कोशिशें दर्शाती हैं कि आने वाले समय में राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो जाएगी।
✓यूपी में अब केवल ई-केवाईसी पूरा करने वाले कार्ड धारकों को ही राशन मिलेगा।
✓दिल्ली में डिस्प्ले बोर्ड और पारदर्शिता पर जोर दिया जा रहा है।
✓हरियाणा में 6000 नए राशन डिपो खुलेंगे, जिनमें से 2000 महिलाओं को दिए जाएंगे।
सरकार का स्पष्ट संदेश है – जो लोग अभी तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं, वे तुरंत यह प्रक्रिया पूरी करें, वरना उन्हें राशन से वंचित होना पड़ेगा।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य जागरूकता और सार्वजनिक हित के उद्देश्य से साझा की गई है। इसमें बताए गए नियम, शर्तें और प्रक्रियाएँ समय-समय पर सरकारी नीतियों के अनुसार बदल सकती हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी प्रकार की अंतिम कार्रवाई से पहले संबंधित विभाग या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

