UIDAI ने Aadhaar Card new rule 2025 में बच्चों के लिए Mandatory Biometric Update (MBU) को UDISE+ प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है। अब 5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष की उम्र पर, मतलब बच्चों के उम्र के 2 पड़ाव पर बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य होगा। यह कार्यक्रम स्कूलों में टीचर्स को साथ लेकर किया जा रहा है। आइए जानते हैं, पूरी प्रक्रिया और फायदे।
UIDAI और UDISE+ बीच की आपसी साझेदारी!
भारत सरकार के भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार कार्ड से संबंधित एक बड़ा कदम उठाया है। अब स्कूली बच्चों के Mandatory Biometric Updates (MBU) की स्थिति सीधे यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) एप्लिकेशन पर उपलब्ध होगी। यह नई व्यवस्था स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और UIDAI के बीच साझेदारी का हिस्सा है। इस कदम से करोड़ों छात्रों के लिए आधार कार्ड में समय पर बायोमेट्रिक अपडेट कराना आसान हो जाएगा। वर्तमान में लगभग 17 करोड़ बच्चों के आधार कार्ड पर अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट लंबित है।
क्यों जरूरी है बच्चों के आधार कार्ड का बायोमेट्रिक अपडेट?
आधार कार्ड में बच्चे का नाम, जन्मतिथि और अन्य डेमोग्राफिक जानकारी तो शुरुआत में दर्ज हो जाती है, लेकिन बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट, आईरिस और फोटोग्राफ) उम्र के साथ बदलता रहता है। 5 -7 साल की उम्र, इस समय पहली बार बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य होता है। 15 -17 साल की उम्र, दूसरी बार बायोमेट्रिक अपडेट जरूरी है। यदि ये अपडेट समय पर नहीं कराए जाते हैं तो आधार से जुड़ी कई सेवाओं में दिक्कतें आ सकती हैं, जैसे – छात्रवृत्ति योजनाएं, सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंकिंग सेवाएं और स्कूल रजिस्ट्रेशन।
UDISE+ प्लेटफॉर्म से कैसे होगा फायदा?
UDISE+ एप्लिकेशन देशभर के स्कूलों से जुड़े डेटा का डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसमें छात्रों की शैक्षणिक और प्रशासनिक जानकारी दर्ज रहती है। अब इसमें छात्रों के आधार कार्ड बायोमेट्रिक अपडेट की स्थिति भी जोड़ी जाएगी।
इसके फायदे – स्कूल प्रशासन आसानी से पहचान सकेगा कि किन छात्रों का MBU लंबित है। अभिभावकों को समय रहते बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट की जानकारी मिल सकेगी। बड़ी संख्या में लंबित बायोमेट्रिक अपडेट को समय पर पूरा किया जा सकेगा।
क्या है?आधार कार्ड बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया
बच्चों के आधार कार्ड का बायोमेट्रिक अपडेट करना एक सरल प्रक्रिया है।
- UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या mAadhaar App से नजदीकी आधार नामांकन केंद्र की जानकारी लें।
- बच्चे को आधार अपडेट सेंटर पर लेकर जाएं।
- वहां बच्चे का फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और नई फोटो ली जाएगी।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ दिनों में अपडेटेड आधार डाउनलोड किया जा सकता है।
- ध्यान दें कि यह अपडेट पूरी तरह निशुल्क है।
अगर बायोमेट्रिक अपडेट न कराएं तो क्या होगा?
यदि बच्चों का आधार कार्ड समय पर अपडेट नहीं किया गया तो –सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आएगी। छात्रवृत्ति और शैक्षणिक लाभ रुक सकते हैं।भविष्य में बैंकिंग और पहचान संबंधी कार्यों में समस्या हो सकती है। इसलिए अभिभावकों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे 5 -7 साल और 15 -17 साल की उम्र पर बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट अवश्य कराएं।
सरकार का क्या संदेश है?
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट सिर्फ एक औपचारिकता नहीं बल्कि पहचान की सटीकता और विश्वसनीयता के लिए बेहद जरूरी है। समय पर यह प्रक्रिया पूरी करना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है।
सरकार का मानना है कि UDISE+ प्लेटफॉर्म से इस प्रक्रिया को पारदर्शी, आसान और तेज बनाया जा सकेगा।आधार कार्ड से जुड़ा यह नया नियम न सिर्फ बच्चों की पहचान को और मजबूत बनाएगा बल्कि उन्हें शिक्षा और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद करेगा। UIDAI और शिक्षा मंत्रालय की यह पहल आने वाले समय में देश के करोड़ों छात्रों के लिए राहत साबित होगी।अब अभिभावकों को बच्चों के आधार कार्ड के बायोमेट्रिक अपडेट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। UDISE+ एप्लिकेशन से हर स्कूल को जानकारी उपलब्ध होगी और समय रहते प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न समाचार स्रोतों, सरकारी प्रेस रिलीज़ और सार्वजनिक डोमेन पर उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या अद्यतन होने की गारंटी नहीं देते। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी आधिकारिक कार्यवाही या निर्णय से पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट (https://uidai.gov.in) या संबंधित सरकारी विभाग से सत्यापन अवश्य करें। यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है।

