Reliance, Campa Sure भारत का पैकेज्ड वाटर उद्योग अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। मुकेश अंबानी की रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने अक्टूबर 2025 में अपने नए ब्रांड “Campa Sure” के साथ आधिकारिक तौर पर 30,000 करोड़ रुपये के भारतीय पैकेज्ड वाटर मार्केट में एंट्री कर ली है। किफायती कीमत और आक्रामक रणनीति के दम पर रिलायंस इस संगठित उद्योग में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है।
पैकेज्ड वाटर मार्केट में रिलायंस की एंट्री
रिलायंस पहले से ही Campa Cola जैसे पेय पदार्थों और Independence ब्रांड के स्टेपल्स के जरिए उपभोक्ता बाजार में मजबूत उपस्थिति बना चुका है। अब कंपनी का नया कदम पैकेज्ड वाटर सेगमेंट की ओर है, जो आज के समय में शहरी और ग्रामीण दोनों उपभोक्ताओं के बीच तेज़ी से बढ़ रहा है। भारत का पैकेज्ड वाटर उद्योग लगभग 30,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें से करीब 20,000 करोड़ रुपये संगठित क्षेत्र के पास है। इस बाजार में फिलहाल बिसलेरी (36% मार्केट शेयर), कोका-कोला का किनले (20%) और पेप्सीको का एक्वाफिना (15%) हावी हैं। तीनों कंपनियां मिलकर कुल बाजार का 70% से अधिक नियंत्रित करती हैं। ऐसे में रिलायंस का प्रवेश प्रतिस्पर्धा को नया मोड़ देगा।
“Campa Sure” की कीमतें – उपभोक्ताओं के लिए बड़ा तोहफा
“Campa Sure” की सबसे बड़ी ताकत इसकी आक्रामक कीमतें हैं।
₹5 में 250ml बोतल
₹15 में 1 लीटर बोतल
यह कीमतें मौजूदा दिग्गज कंपनियों की तुलना में 20-30% तक सस्ती हैं। उदाहरण के लिए, जहां बिसलेरी और किनले जैसी ब्रांड्स 1 लीटर बोतल ₹20 में बेचते हैं, वहीं रिलायंस ने इसे ₹15 पर लॉन्च कर बाजार में हलचल मचा दी है। यह रणनीति बिल्कुल वही है जो रिलायंस ने पहले जियो (टेलीकॉम) और कैंपा कोला (सॉफ्ट ड्रिंक) के जरिए अपनाई थी। कम कीमत पर ज्यादा ग्राहकों को जोड़ना और फिर वितरण नेटवर्क के दम पर तेजी से बाजार हिस्सेदारी हासिल करना रिलायंस की खास रणनीति रही है।
क्षेत्रीय बोतलिंग कंपनियों से साझेदारी
रिलायंस ने इस बार किसी बड़ी कंपनी का अधिग्रहण नहीं किया है, बल्कि उसने क्षेत्रीय बोतलिंग कंपनियों के साथ साझेदारी करने का रास्ता चुना है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के निदेशक टी. कृष्णकुमार ने बताया कि,
“हम उत्तरी भारत में लगभग दो दर्जन पैकेज्ड वाटर मैन्युफैक्चरर्स के साथ साझेदारी की प्रक्रिया में हैं। हमारा लक्ष्य है कि छोटे ब्रांड्स भी गवर्नेंस और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स का पालन करें।”
इसका मतलब यह है कि कंपनी बॉटलिंग, टेक्नोलॉजी और ब्रांडिंग सहयोग के जरिए अपने नेटवर्क को मजबूत करेगी।
जीएसटी कटौती से मिली अतिरिक्त बढ़त
सितंबर 2025 में सरकार ने पैकेज्ड वाटर पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% कर दिया। इसके बाद पूरे उद्योग में कीमतों में गिरावट आई। उदाहरण के लिए: रेल नीर की कीमत 1 लीटर बोतल पर ₹15 से घटाकर ₹14 कर दी गई। बिसलेरी, किनले और एक्वाफिना ने भी अपने रेट्स एडजस्ट किए। ऐसे माहौल में रिलायंस का कम कीमत वाला Campa Sure और भी ज्यादा आकर्षक विकल्प बनकर उभरा है।
वितरण नेटवर्क – रिलायंस की सबसे बड़ी ताकत
रिलायंस की सबसे मजबूत कड़ी उसका डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क है। कंपनी के पास देशभर में 18,000 से ज्यादा रिलायंस रिटेल स्टोर्स हैं। जियोमार्ट (JioMart) के जरिए लाखों किराना स्टोर्स तक सीधी पहुंच है। इस विशाल नेटवर्क का फायदा “Campa Sure” को मिलेगा, जिससे यह बहुत कम समय में देशभर के बाजारों तक पहुंच सकता है।
Independence” ब्रांड से अलग पहचान
रिलायंस पहले से ही अपने Independence ब्रांड के तहत पैकेज्ड वाटर बेच रहा है। हालांकि, Independence ब्रांड की कीमतें Campa Sure से ज्यादा हैं और यह थोड़ा प्रीमियम उपभोक्ताओं को टारगेट करता है। इसका मतलब है कि रिलायंस ने बाजार को दो हिस्सों में बांट दिया है: Campa Sure मास मार्केट, बजट फ्रेंडली ग्राहकों के लिए जबकि Independence ब्रांड प्रीमियम सेगमेंट के लिए है।
रिलायंस की भविष्य की योजना
रिलायंस ने “Campa Sure” को अभी उत्तरी भारत में लॉन्च किया है। कंपनी का लक्ष्य है कि: मार्च 2026 तक – देश के 70% बाजार को कवर करना, मार्च 2027 तक – पूरे भारत में राष्ट्रीय स्तर पर उपस्थिति बनाना इस रोडमैप से साफ है कि आने वाले 18-24 महीनों में पैकेज्ड वाटर इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि रिलायंस की एंट्री से पैकेज्ड वाटर उद्योग में प्राइस वॉर (Price War) शुरू हो सकता है। एक सेक्टर एनालिस्ट ने मनीकंट्रोल को बताया:
“रिलायंस एक बार फिर लो-प्राइस स्ट्रेटेजी का इस्तेमाल कर रहा है, जैसा उसने जियो और कैंपा कोला में किया था। कंपनी का बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क इसे जबरदस्त एडवांटेज देता है।”
इसका सीधा असर बिसलेरी, किनले और एक्वाफिना जैसे मौजूदा दिग्गजों पर पड़ेगा।
निष्कर्ष
“Campa Sure” की लॉन्चिंग भारत के पैकेज्ड वाटर उद्योग में एक गेम चेंजर साबित हो सकती है। रिलायंस की कम कीमत, क्षेत्रीय कंपनियों से साझेदारी और मजबूत वितरण नेटवर्क की बदौलत यह ब्रांड तेजी से लोकप्रिय हो सकता है। जैसे रिलायंस ने जियो के जरिए टेलीकॉम और कैंपा कोला के जरिए सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में तहलका मचाया, वैसे ही “Campa Sure” भी आने वाले वर्षों में पैकेज्ड वाटर उद्योग का चेहरा बदल सकता है।

