Bajaj Auto Acquired KTM, भारत की अग्रणी दोपहिया कंपनी बजाज ऑटो ने आखिरकार छह महीने की प्रक्रिया पूरी करते हुए ऑस्ट्रियाई मोटरसाइकिल निर्माता KTM AG की पेरेंट कंपनी पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। यह अधिग्रहण न केवल बजाज ऑटो के लिए एक ऐतिहासिक कदम है, बल्कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।18 नवंबर 2025 को सभी कानूनी एवं नियामक अनुमोदनों के बाद यह सौदा औपचारिक रूप से पूरा हुआ, जिसके साथ बजाज अब KTM की वास्तविक मालिक बन गई है।
KTM अधिग्रहण कैसे पूरा हुआ?
बजाज ऑटो ने यह सौदा अपनी डच सहायक कंपनी Bajaj Auto International Holdings BV के माध्यम से पूरा किया। इसके तहत कंपनी ने Pierer Bajaj AG में 100% हिस्सेदारी खरीदी।Pierer Bajaj AG के पास Pierer Mobility AG और KTM AG की लगभग 74.9% हिस्सेदारी है।इस बड़े अधिग्रहण को पूरा करने में दो प्रमुख नियामक अनुमोदन शामिल थे:ऑस्ट्रियन टेकओवर कमीशन की मंजूरी , 23 अक्टूबर 2025यूरोपीय आयोग की मंजूरी , 10 नवंबर 2025आयोग ने स्पष्ट किया कि विदेशी सब्सिडी विनियम (Foreign Subsidies Regulation) के तहत इस सौदे में किसी गहन जांच की आवश्यकता नहीं है।इन अनुमोदनों के बाद 18 नवंबर 2025 को यह अधिग्रहण आधिकारिक रूप से बंद हो गया।
KTM में बड़े बदलाव: नए नाम और नई नेतृत्व टीम
अधिग्रहण पूरा होने के साथ ही कंपनी स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव शुरू हो गए हैं। नई कंपनी पहचान Pierer Bajaj AG का नाम बदलकर अब Bajaj Auto International Holdings AG कर दिया जाएगा। Pierer Mobility AG का नाम बदलकर Bajaj Mobility AG रखा जाएगा।इन नाम परिवर्तनों को औपचारिक मंजूरी देने के लिए 19 नवंबर 2025 को एक विशेष आम सभा (Extraordinary General Meeting) आयोजित की जाएगी। बोर्ड का पुनर्गठन KTM को 1992 में दिवालियापन से बचाने वाले और उसे वैश्विक ब्रांड बनाने वाले स्टेफन पियरर अब कंपनी से अलग हो रहे हैं। उनके द्वारा नामित सभी पर्यवेक्षक बोर्ड (Supervisory Board) के सदस्य पद छोड़ देंगे।बजाज नए बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति करेगा।इसके बावजूद, Pierer Mobility AG (अब Bajaj Mobility AG) पहले की तरह स्विट्ज़रलैंड के SIX Swiss Exchange और ऑस्ट्रिया के Vienna Stock Exchange पर ट्रेडिंग जारी रखेगी।
Bajaj और KTM की साझेदारी का लंबा इतिहास
बजाज और KTM का संबंध 2007 में शुरू हुआ था, जब बजाज ने KTM में 14.5% हिस्सेदारी खरीदी थी।इसके बाद यह साझेदारी लगातार मजबूत होती गई:बजाज के चाकन प्लांट (पुणे) से KTM की कई लोकप्रिय बाइक्स का उत्पादन होने लगा।भारत में बनी KTM मोटरसाइकिलें 80 से अधिक देशों को निर्यात की जाती हैं।इस सहयोग ने KTM को वैश्विक स्तर पर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बनाया, वहीं बजाज को प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में मजबूत पहचान मिली।
KTM की आर्थिक संकट से उभरने में Bajaj की बड़ी भूमिका
यह अधिग्रहण अचानक नहीं हुआ। इसकी पृष्ठभूमि में KTM का गंभीर आर्थिक संकट था। KTM की दिवालियापन स्थिति नवंबर 2024 में KTM गंभीर लिक्विडिटी संकट में फंस गया और उसे अदालत-सहायित पुनर्गठन (Court-supervised restructuring) के तहत जाना पड़ा।इस कठिन समय में बजाज आगे आया और कंपनी को बचाने के लिए बड़ा वित्तीय सहयोग दिया।बजाज का 800 मिलियन यूरो का निवेशबजाज ने KTM को पुनर्जीवित करने के लिए कुल 800 मिलियन यूरो (लगभग ₹7,000 करोड़ से अधिक) का निवेश किया: 450 मिलियन यूरो – secured term loans150 मिलियन यूरो – convertible bonds बाकी राशि , कंपनी के संचालन और पुनर्गठन के समर्थन के लिएइस निवेश के कारण KTM अपने लेनदारों को अदालत द्वारा तय 30% भुगतान मई 2025 तक कर सका। इसके बाद KTM का पुनर्गठन प्लान आधिकारिक रूप से आगे बढ़ पाया।बजाज की यही निर्णायक भूमिका KTM के अधिग्रहण के लिए मजबूत आधार बनी।
India और Bajaj Auto के लिए इस अधिग्रहण का महत्व
वैश्विक मोटरसाइकिल उद्योग में भारत की स्थिति मजबूत, KTM दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स और ऑफ-रोड मोटरसाइकिल निर्माताओं में से एक है। अब इसका अधिकांश नियंत्रण भारत की कंपनी बजाज ऑटो के हाथों में है। इससे भारत की वैश्विक छवि एक टेक्नोलॉजी-नेतृत्व वाले मोटरसाइकिल हब के रूप में और सशक्त होगी। प्रीमियम बाइक सेगमेंट में नई संभावनाएँ इस अधिग्रहण के बाद: नई पीढ़ी की KTM, Husqvarna और GasGas बाइकें भारत में अधिक कुशल लागत पर बन सकेंगी। R&D सहयोग और तेज़ होगा।इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के क्षेत्र में भी बड़ी साझेदारी विकसित हो सकती है। बजाज का वैश्विक विस्तारअब बजाज केवल एक भारतीय ब्रांड नहीं, बल्कि यूरोप के प्रमुख बाइक समूह का मुख्य मालिक बन चुका है। इससे उसका वैश्विक प्रभाव तेजी से बढ़ेगा।
KTM के भविष्य पर इसका क्या असर होगा?
नई पूंजी और स्थिर नेतृत्व KTM के लिए विकास की नई राह खोलेगा।उत्पादन और सप्लाई चेन में भारत की बड़ी भूमिका बनेगी, जो लागत कम करेगी और प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगी।नई इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड मोटरसाइकिल परियोजनाएं तेज़ी से आगे बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष
बजाज ऑटो द्वारा KTM के पेरेंट ग्रुप पर पूर्ण नियंत्रण हासिल करना भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।यह अधिग्रहण न केवल दो दशक पुरानी साझेदारी को नए आयाम देता है, बल्कि भारत को वैश्विक मोटरसाइकिल निर्माण और नवाचार के मानचित्र पर और ऊंचा स्थान दिलाता है। KTM का संकट से बाहर आना, बजाज की रणनीतिक दूरदर्शिता और वित्तीय मजबूती का स्पष्ट उदाहरण है। आने वाले सालों में इस अधिग्रहण के कारण नई तकनीक, नए मॉडल और भारतीय मोटरसाइकिल उद्योग में नई ऊर्जा देखने को मिलेगी।

