केंद्र सरकार ने PM Kisan Samman Nidhi Scheme से जुड़ी बड़ी अपडेट जारी की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने औपचारिक नोटिस जारी करते हुए यह स्पष्ट किया है कि देशभर के लाखों किसानों को अस्थायी रूप से योजना की लाभार्थी सूची से हटाया गया है। सरकार के अनुसार, यह कदम उन किसानों की पहचान और पात्रता सत्यापन के लिए उठाया गया है जिनके आवेदन संदेहास्पद पाए गए हैं या जिन्होंने योजना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है।
PM Kisan को लेकर क्या है पूरा मामला?
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल रही थी कि सरकार ने पीएम किसान योजना को बंद कर दिया है या लाखों किसानों का नाम स्थायी रूप से हटा दिया गया है। लेकिन अब कृषि मंत्रालय ने इस पर स्पष्ट बयान जारी करते हुए बताया है कि करीब 35 लाख किसानों के नाम अस्थायी रूप से हटाए गए हैं, और यह केवल पात्रता की पुनः जांच के उद्देश्य से किया गया है। मंत्रालय के मुताबिक, यह निर्णय उन किसानों पर लागू हुआ है जिनके आवेदन तीन प्रमुख श्रेणियों में संदिग्ध पाए गए हैं।
3प्रमुख कारण जिनसे किसानों को अस्थायी रूप से हटाया गया
✓एक ही परिवार के कई सदस्य लाभ ले रहे थे:
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक परिवार में केवल एक सदस्य को ही पीएम किसान योजना का लाभ मिल सकता है। लेकिन जांच में पाया गया कि कई परिवारों में पति-पत्नी, बुजुर्ग सदस्य या नाबालिग बच्चों के नाम से भी एक साथ लाभ लिया जा रहा था।
✓1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी गई भूमि:
योजना की पात्रता के तहत केवल वे किसान लाभ ले सकते हैं जिनके पास 1 फरवरी 2019 से पहले कृषि भूमि थी। मंत्रालय ने बताया कि लगभग 33.34 लाख किसानों के ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें भूमि खरीद की तारीख इस कटऑफ के बाद की है।
✓पुराने और नए मालिक दोनों को लाभ मिलना:
कुछ मामलों में पाया गया कि जिस जमीन का स्वामित्व बदल गया था, उस पर पूर्व मालिक और नए मालिक, दोनों पीएम किसान की किस्तें प्राप्त कर रहे थे। ऐसे करीब 8.11 लाख मामलों की पहचान की गई है।
सरकार का PM Kisan को लेकर स्पष्टीकरण, यह एक अस्थायी परिवर्तन है
कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह हटाना स्थायी नहीं है, बल्कि अस्थायी रूप से भुगतान को रोका गया है। जैसे ही फिजिकल वेरिफिकेशन (भौतिक सत्यापन) पूरा होगा, जो किसान पात्र पाए जाएंगे, उनके नाम फिर से सूची में शामिल कर दिए जाएंगे और उनकी रोकी गई किस्तें जारी की जाएंगी। पीएम किसान पोर्टल पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, ऐसे सभी मामलों में लाभ को अस्थायी रूप से रोका गया है जब तक कि फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो जाता। पात्र किसान पुनः योजना के लाभ के लिए योग्य माने जाएंगे।
कैसे चेक करें अपना PM Kisan स्टेटस?
अगर आपका नाम सूची से हटा दिया गया है या आपको संदेह है कि आपकी किस्त नहीं आई है, तो आप खुद ऑनलाइन अपनी स्थिति की जांच कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो करें:
✓सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
✓होमपेज पर “Know Your Status” या “Beneficiary Status” सेक्शन पर क्लिक करें।
✓यहां आप अपना मोबाइल नंबर, आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर डालें।
✓OTP वेरिफिकेशन के बाद आपकी पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
✓अगर आपका नाम हटाया गया है, तो “Temporarily Withheld” या “Under Verification” लिखा होगा।
PM Kisan Scheme से हटाए गए किसान क्या करें?
जिन किसानों का नाम हटाया गया है या भुगतान रुक गया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। वे दो तरीकों से अपनी पात्रता पुनः सत्यापित करा सकते हैं —
- ऑनलाइन पुनः आवेदन:
किसान PM Kisan पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके दोबारा आवेदन कर सकते हैं। - मीसेवा या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से आवेदन:
जिन किसानों के पास ऑनलाइन सुविधा नहीं है, वे अपने नजदीकी मीसेवा केंद्र या CSC केंद्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वहां से अधिकारी दस्तावेज अपलोड करके सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे।
PM Kisan की 21वीं किस्त की देरी का कारण क्या?
मंत्रालय ने बताया है कि 21वीं किस्त फिलहाल जारी नहीं की गई है। सरकार पहले पात्र किसानों की दोबारा जांच पूरी करना चाहती है ताकि फंड्स का सही वितरण सुनिश्चित हो सके। वर्तमान में लगभग 10 करोड़ किसान इस योजना के तहत लाभान्वित हो रहे हैं, जिसमें प्रत्येक योग्य किसान को ₹6,000 प्रति वर्ष की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
क्यों जरूरी है PM Kisan Scheme का यह सत्यापन अभियान?
सरकार का कहना है कि इस तरह का सत्यापन अभियान आवश्यक है ताकि
✓योजना का लाभ केवल वास्तविक किसानों को मिले,
✓धोखाधड़ी या डुप्लिकेट लाभ प्राप्त करने वालों की पहचान हो सके, और
✓सरकारी धन का दुरुपयोग न हो।
इस पहल के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर भूमि अभिलेखों, बैंक खातों और आधार विवरणों का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर रही हैं।
PM Kisan योजना का क्या उद्देश्य है?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है ताकि वे कृषि कार्यों में निवेश कर सकें और उनकी आय में स्थिरता बनी रहे। इस योजना के तहत योग्य किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की वित्तीय सहायता दी जाती है
✓₹2,000 की तीन समान किस्तों में,
✓जो सीधे उनके बैंक खाते में जमा होती हैं।
निष्कर्ष, किसानों के लिए जरूरी सूचना
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि पीएम किसान योजना बंदी नहीं हुई है, बल्कि सत्यापन प्रक्रिया चल रही है। यदि आपने नियमों का पालन किया है और आपके दस्तावेज सही हैं, तो आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। जैसे ही जांच पूरी होगी, आपकी किस्तें जारी कर दी जाएंगी। इसलिए सभी किसानों से अपील है कि वे जल्द से जल्द PM Kisan Portal पर जाकर अपना स्टेटस चेक करें, आवश्यक दस्तावेज अपडेट करें और अपने लाभ को सुनिश्चित करें।

