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Mahindra Tractors : सितंबर 2025 बिक्री में 50% उछाल,GST कटौती और मानसून का बड़ा असर

सितंबर 2025 में Mahindra Tractors बिक्री 50% बढ़कर 64946 यूनिट्स पर पहुंची। GST कटौती, नवरात्रि फेस्टिवल और बेहतरीन मानसून ने बिक्री में चार चांद लगाया।

Mahindra Tractors की रिकॉर्ड बिक्री 2025

भारत के ग्रामीण इलाकों और कृषि अर्थव्यवस्था के लिए सितंबर 2025 ऐतिहासिक महीना साबित हुआ है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) की फार्म इक्विपमेंट बिज़नेस यूनिट ने अब तक की सबसे बड़ी सितंबर माह की बिक्री दर्ज की है। कंपनी ने घरेलू बाज़ार में 64,946 ट्रैक्टरों की बिक्री की, जो पिछले साल के 43,201 यूनिट्स के मुकाबले 50% ज्यादा है। यह उपलब्धि केवल संख्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि सरकार की नीतिगत बदलाव और अनुकूल कृषि परिस्थितियाँ किसानों के जीवन और कृषि अर्थव्यवस्था में बड़ा अंतर ला रही हैं।

सरकारी नीतियों ने दिलाई बिक्री को नई रफ़्तार

महिंद्रा की इस सफलता का सबसे बड़ा कारण केंद्र सरकार का हालिया निर्णय है। सरकार ने 22 सितंबर 2025 से ट्रैक्टरों पर जीएसटी (GST) की दर 12% से घटाकर 5% कर दी। इस फैसले से किसानों को सीधी राहत मिली क्योंकि ट्रैक्टरों की कीमतों में भारी कटौती हुई।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, इस टैक्स कटौती से किसानों को ₹41,000 से लेकर ₹63,000 तक की बचत हो रही है। यह राहत ऐसे समय में आई है जब खरीफ सीज़न अपने चरम पर है और किसानों को आधुनिक उपकरणों की ज़रूरत थी। इस जीएसटी कटौती ने न केवल बिक्री को बढ़ाया बल्कि किसानों का विश्वास भी मजबूत किया।

नवरात्रि के त्योहार ने बढ़ाई डिमांड

सितंबर 2025 में नवरात्रि का त्योहार भी पड़ा, जबकि पिछले साल यह अक्टूबर में था। भारतीय परंपरा में त्योहारों पर नया सामान खरीदना शुभ माना जाता है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा के फार्म इक्विपमेंट बिज़नेस अध्यक्ष विजय नाकरा ने कहा:

जीएसटी दर में कटौती ने नवरात्रि के पहले 9 दिनों में ट्रैक्टरों की ऑफटेक को जबरदस्त बढ़ावा दिया। चूँकि इस बार नवरात्रि सितंबर में थी, इसलिए बिक्री पर सीधा असर देखने को मिला।”

त्योहारों और सरकारी नीतियों का यह मेल किसानों के लिए डबल फ़ायदे का सौदा साबित हुआ।

मानसून ने कृषि को दिया सहारा

ट्रैक्टर बिक्री की वृद्धि का एक और बड़ा कारण इस साल का रिकॉर्ड मानसून रहा। भारत को 2025 में पिछले पाँच साल का सबसे अच्छा मानसून मिला। पूरे देश में बारिश 8% ज्यादा दर्ज की गई। मॉनसून कोर ज़ोन ,जहाँ वर्षा आधारित खेती होती है, में तो 122% तक बारिश हुई। अच्छी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई पिछले साल की तुलना में ज्यादा हुई। इसका सीधा असर किसानों की आय और खरीदने की क्षमता पर पड़ा। जब खेतों में पैदावार की उम्मीद बढ़ती है, तो किसान ट्रैक्टर जैसे उपकरणों में निवेश करने से पीछे नहीं हटते।

कुल बिक्री और एक्सपोर्ट के आँकड़े

महिंद्रा ने सितंबर 2025 में केवल घरेलू स्तर पर ही नहीं बल्कि निर्यात बाज़ार में भी अच्छा प्रदर्शन किया। कुल ट्रैक्टर बिक्री (घरेलू + निर्यात): 66,111 यूनिट्स, पिछले साल सितंबर 2024 में बिक्री: 44,256 यूनिट्स

वृद्धि: 49%

निर्यात में भी 10% की बढ़त हुई।

2025 में निर्यात: 1,165 यूनिट्स

2024 में निर्यात: 1,055 यूनिट्स

एक मिलियन ट्रैक्टर मार्केट की ओर बढ़ता भारत

उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 भारत के ट्रैक्टर उद्योग के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। इस साल देश में ट्रैक्टर बिक्री पहली बार 10 लाख यूनिट्स (1 मिलियन मार्क) पार कर सकती है।इस उछाल के पीछे तीन मुख्य कारण माने जा रहे हैं:

1. सरकारी समर्थन – जीएसटी दरों में कमी और कृषि योजनाएँ।

2. अनुकूल मौसम – बेहतरीन मानसून और अच्छी फसल की उम्मीद।

3. त्योहारों का सीज़न – नवरात्रि और दीवाली जैसे पर्वों पर बढ़ी खरीदारी।

किसानों की जीत और अर्थव्यवस्था की मजबूती

महिंद्रा की इस रिकॉर्ड बिक्री से यह भी स्पष्ट होता है कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। किसान अब ट्रैक्टर जैसे आधुनिक साधनों में निवेश कर रहे हैं, जिससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादकता बढ़ेगी। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में ट्रैक्टरों की मांग बढ़ने से रोज़गार के अवसर, ग्रामीण बाज़ारों की रौनक, और ग्रामीण उपभोग क्षमता पर भी सकारात्मक असर होगा।

निष्कर्ष

सितंबर 2025 महिंद्रा और भारत के ट्रैक्टर उद्योग दोनों के लिए मील का पत्थर बन गया है। 50% की रिकॉर्ड वृद्धि, 64,946 घरेलू यूनिट्स की बिक्री, जीएसटी कटौती से हजारों की बचत, बेहतरीन मानसून और त्योहारों का फायदा, यह सब मिलकर इस बात का संकेत दे रहा है कि आने वाले महीनों में भी ट्रैक्टर उद्योग में तेजी बनी रहेगी और भारत एक नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ेगा। भारत की कृषि और किसानों की मजबूती का यह नया अध्याय, आने वाले वर्षों में ग्रामीण समृद्धि और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगा।

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