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E Commerce Festival Sale 2025 :त्योहारों की पहली हफ़्ते की सेल में Amazon और Flipkart ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

E Commerce Festival Sale 2025 में Amazon और Flipkart ने Sale के पहले हफ्ते में ₹60700 करोड़ की बिक्री कर नया रिकॉर्ड बना लिया। new GST tax Reform से लोगों के रुझान को और बल मिला जिससे लोगों ने बढ़ चढ़ कर खरीदारी किया। आइए जानते है किन किन वस्तुओं में सबसे ज्यादा खरीददारी हुई।

Amazon और Flipkart पर रिकॉर्ड सेल

भारत का ई-कॉमर्स बाजार त्योहारों के इस सीज़न में इतिहास रच रहा है। देश की दो सबसे बड़ी ऑनलाइन कंपनियाँ—अमेज़न (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart)—ने इस बार के फेस्टिव सेल के पहले ही हफ़्ते में ₹60,700 करोड़ का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) हासिल कर नया रिकॉर्ड बना दिया। यह आंकड़ा Datum Intelligence की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल की तुलना में 29% अधिक है और इसे भारतीय डिजिटल रिटेल इतिहास का सबसे मजबूत शुरुआती सप्ताह माना जा रहा है।

शुरुआती हफ़्ते में बनी रिकॉर्ड तोड़ सेल

फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डेज़ (Big Billion Days) और अमेज़न की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल (Great Indian Festival) 22-23 सितंबर से शुरू हुईं। पहले ही दिन की अर्ली एक्सेस सेल ने इतिहास रच दिया और सबसे बड़ा सेलिंग डे साबित हुआ। इस साल की सफलता के पीछे दो अहम वजहें मानी जा रही हैं:

1. GST 2.0 सुधार, जिसने बड़े इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया।

2. उपभोक्ताओं का ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ तेजी से झुकाव, खासकर छोटे शहरों और कस्बों में।

मोबाइल फोन फिर बने नंबर वन सेल

त्योहारों की खरीदारी में मोबाइल फोन की बादशाहत कायम रही। कुल बिक्री का 42% हिस्सा मोबाइल कैटेगरी से आया। हालांकि इस बार सबसे ज्यादा तेजी होम एसेंशियल्स और अप्लायंसेज़ ने दिखाई, जहाँ 41% की साल-दर-साल वृद्धि दर्ज हुई। वहीं ग्रॉसरी सेल्स 44% बढ़ीं।

घरेलू उपकरणों की बिक्री क्यों बढ़ी?

नई GST 2.0 पॉलिसी ने फ्रिज, एयर कंडीशनर और डिशवॉशर जैसे प्रोडक्ट्स पर टैक्स घटाकर उपभोक्ताओं को सीधा फायदा दिया। अमेज़न इंडिया की कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स डायरेक्टर जेबा खान ने कहा “जीएसटी के लाभ ने पेंट-अप डिमांड को असली खरीद में बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है।”

इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर में भी उछाल

कंज़्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स की सेल 34% बढ़ी, जिसमें प्रीमियम टीवी, वियरेबल्स और लैपटॉप्स सबसे ज्यादा बिके। होमवेयर और फर्नीचर में 29% की ग्रोथ देखने को मिली, जिसमें त्योहारों की सजावट और शहरी घरों के रीफर्बिशमेंट का बड़ा योगदान रहा।

फ्लिपकार्ट और अमेज़न डिस्काउंट सेल की रेस

फ्लिपकार्ट ने शुरुआती 48 घंटे में ही 606 मिलियन विज़िट्स दर्ज कीं। खास बात यह रही कि इस बार Gen-Z ग्राहक कुल ट्रैफ़िक का एक-तिहाई हिस्सा बने, जो सामान्य दिनों की तुलना में दोगुना है। दूसरी ओर, अमेज़न ने इसी अवधि में 380 मिलियन विज़िट्स दर्ज कीं, जिनमें से 70% ग्राहक टॉप 9 मेट्रो शहरों से बाहर के थे। फ्लिपकार्ट के वाइस प्रेसिडेंट ऑफ ग्रोथ एंड मार्केटिंग प्रतीक शेट्टी ने कहा—

“इस बार का मोमेंटम सिर्फ ओपनिंग वीकेंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लगातार बरकरार है। यह दर्शाता है कि भारतीय उपभोक्ताओं का रुझान पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और स्थायी हो गया है।”

प्रीमियम प्रोडक्ट्स की डिमांड में उछाल

अमेज़न पर ₹20,000 से ज्यादा कीमत वाले स्मार्टफोन्स की बिक्री में 50% वृद्धि दर्ज हुई। QLED टीवी की सेल 23% और Mini-LED टीवी की सेल 27% बढ़ी। प्रीमियम अप्लायंसेज़ और इलेक्ट्रॉनिक्स की डिमांड अब सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे कस्बों और शहरों से भी जोरदार खरीदारी हुई।

डिलीवरी में भी नया रिकॉर्ड

अमेज़न ने पहले 48 घंटे में अपने ग्राहकों को ₹100 करोड़ से ज्यादा का GST लाभ दिया। कंपनी के GSTBachatUtsav अभियान के तहत प्रोडक्ट्स सस्ते दामों पर बेचे गए। अमेज़न ने 80 लाख प्रोडक्ट्स सिर्फ 2 दिनों में प्राइम मेंबर्स तक पहुंचाए, जो अब तक का सबसे तेज़ डिलीवरी रिकॉर्ड है।

आगे क्या? दिवाली से जुड़ी उम्मीदें

एक्सपर्ट के मुताबिक, यह शुरुआती हफ़्ता कुल अनुमानित फेस्टिव सेल्स का 51% है। उम्मीद है कि इस साल का त्योहार सीज़न ₹1.2 लाख करोड़ का आंकड़ा पार करेगा, जो पिछले साल के करीब ₹1 लाख करोड़ से कहीं ज्यादा है। दिवाली अभी बाकी है और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि अक्टूबर के पूरे महीने में यह तेजी जारी रहेगी। अगर ऐसा हुआ तो 2025 भारत के ई-कॉमर्स इतिहास का सबसे बड़ा फेस्टिव सीज़न साबित होगा।

निष्कर्ष

अमेज़न और फ्लिपकार्ट की रिकॉर्डतोड़ बिक्री ने साफ़ कर दिया है कि भारत में ई-कॉमर्स का भविष्य और भी उज्ज्वल है। छोटे शहरों में बढ़ती ऑनलाइन खरीदारी, जीएसटी सुधार और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती डिमांड इस बदलाव के सबसे बड़े कारक हैं।त्योहारों की खरीदारी ने न केवल कंपनियों की आय बढ़ाई है बल्कि ग्राहकों को भी पहले से बेहतर सौदे और तेज़ डिलीवरी उपलब्ध कराई है। आने वाले हफ़्तों में यह रफ्तार बनी रही तो 2025 भारत की डिजिटल शॉपिंग इंडस्ट्री के लिए गोल्डन ईयर साबित होगा।

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