Silver Price: MCX Silver ₹1,16,729 प्रति किलो, जानिए चाँदी की कीमत में क्यों आया रिकॉर्ड उछाल?

India: MCX Silver पर चाँदी की कीमत ₹1,16,729 प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँची। जानें Silver Price में बढ़ोतरी के कारण, निवेशकों के लिए संकेत और आने वाले रुझान।

चाँदी की कीमत में रिकॉर्ड उछाल: क्यों पहुँच गई Silver Price ₹1,16,729 प्रति किलो तक?

भारत के कीमती धातु बाज़ार में चाँदी (Silver) ने इतिहास रच दिया है। मंगलवार, 26 अगस्त को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चाँदी के वायदा अनुबंध (Futures Contracts) ने ₹1,16,729 प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया। यह अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है। सुबह के कारोबार में चाँदी की कीमतें ₹779 यानी 0.67% चढ़ीं और दिन के अंत में ₹1,16,244 प्रति किलो पर बंद हुईं, यानी ₹294 यानी 0.25% की बढ़त दर्ज की।इस उछाल ने निवेशकों, ज्वैलर्स और आम ग्राहकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि चाँदी की कीमतें इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही हैं और आगे का रुझान क्या हो सकता है।

Silver Price:चाँदी की कीमतों में उछाल के मुख्य कारण

1.सुरक्षित निवेश (Safe Haven Buying)

ग्लोबल स्तर पर व्यापारिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प (Safe Haven) तलाश रहे हैं। सोने के साथ-साथ चाँदी भी लंबे समय से भरोसेमंद निवेश मानी जाती है।

  1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियाँ

बाज़ार में उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) सितंबर में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। अगर ब्याज दरें घटती हैं तो डॉलर कमजोर होता है और कीमती धातुओं में निवेश बढ़ता है।

  1. घरेलू मांग और मुद्रा कारक

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में चाँदी अपेक्षाकृत स्थिर रही और Comex पर $39.21 प्रति औंस पर फ्लैट कारोबार किया। इसके बावजूद भारतीय बाज़ार में प्रीमियम देखने को मिला, जिसकी वजह घरेलू मांग और रुपये में उतार-चढ़ाव रहे।

  1. त्योहार और शादी का सीजन

भारत में आने वाले महीनों में त्योहारी सीजन और शादी का मौसम शुरू होने वाला है। इस दौरान चाँदी और सोने की मांग परंपरागत रूप से बढ़ती है। ज्वैलर्स पहले से ही अपनी इन्वेंट्री भरने में जुट गए हैं।

MCX पर ट्रेडिंग गतिविधि

मंगलवार को 12,587 लॉट्स का कारोबार हुआ।

सितंबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में सबसे ज्यादा मूवमेंट रहा।

यह दर्शाता है कि निवेशक निकट भविष्य में भी चाँदी की कीमतों के बढ़ने को लेकर आश्वस्त हैं।

भौतिक बाज़ार बनाम फ्यूचर्स मार्केट

फिजिकल मार्केट (Spot Prices)

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 25 अगस्त को स्पॉट मार्केट में चाँदी ₹1,16,133 प्रति किलो पर थी। वहीं, देश के बड़े महानगरों में 26 अगस्त को ₹1,20,000 प्रति किलो तक ट्रेडिंग हुई।

फ्यूचर्स मार्केट

फ्यूचर्स प्राइस (₹1,16,729) स्पॉट प्राइस से प्रीमियम पर रहे। यह संकेत है कि निवेशक आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

अल्पकालिक (Short Term)

त्योहारी मांग और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण चाँदी की कीमतों में निकट भविष्य में मजबूती बनी रह सकती है।

दीर्घकालिक (Long Term)

औद्योगिक उपयोग (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, बैटरियाँ) में लगातार बढ़ती खपत से चाँदी की लॉन्ग टर्म डिमांड मजबूत रहने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य

Comex पर चाँदी स्थिर रही, लेकिन भारतीय बाज़ार ने प्रीमियम दिखाया।

डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट का असर भारतीय बाज़ार पर सीधा दिखाई दिया।

वैश्विक स्तर पर सोने और चाँदी की कीमतें अब ब्याज दरों की घोषणा और अमेरिकी रोजगार डेटा पर निर्भर करेंगी।

ज्वैलर्स और रिटेलर्स की तैयारी

त्योहारों से पहले देशभर के ज्वैलर्स अपनी इन्वेंट्री बढ़ा रहे हैं। खासकर नवरात्रि, दिवाली और शादी के सीजन में चाँदी के बर्तन, सिक्के और ज्वैलरी की मांग तेज़ रहती है। इससे चाँदी की कीमतों को अतिरिक्त सपोर्ट मिल सकता है।

आम जनता पर असर

औद्योगिक क्षेत्र, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर इंडस्ट्री, के लिए लागत बढ़ सकती है।

शादी-ब्याह और त्योहार की खरीदारी महंगी होगी।

निवेशकों को फायदा मिलेगा, खासकर जिन्होंने पहले निवेश किया है।

भारत में चाँदी की कीमतों ने नया कीर्तिमान बना लिया है। ₹1,16,729 प्रति किलो का स्तर इस बात का संकेत है कि निवेशक कीमती धातुओं में तेजी से रुझान दिखा रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं, फेडरल रिजर्व की नीतियों और घरेलू मांग ने मिलकर इस रैली को जन्म दिया है।

आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन में चाँदी की कीमतों को और मजबूती मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों और ग्राहकों दोनों को सावधानीपूर्वक फैसले लेने की ज़रूरत है।