ओला इलेक्ट्रिक का Sankalp 2025: भारत में ईवी क्रांति की नई शुरुआत

ओला इलेक्ट्रिक का Sankalp 2025 : भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर

भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ओला इलेक्ट्रिक ने अपने Sankalp 2025 इवेंट में वह सब कुछ पेश किया जिसने भारतीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में नई हलचल मचा दी। बेंगलुरु स्थित इस कंपनी ने न केवल अपने अगली पीढ़ी के इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रदर्शन किया बल्कि पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित कई क्रांतिकारी नवाचारों को भी सामने रखा।

ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा –
4680 भारत सेल, फेराइट मोटर, एआई-पावर्ड MoveOS, Gen 4 प्लेटफॉर्म – सबकुछ भारत में सोचा, डिजाइन और इंजीनियर किया गया है। यही हमारी ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में कदम है और भारत को वैश्विक ईवी और एनर्जी इकोसिस्टम का नेता बनाएगा।”

आइए जानते हैं इस भव्य इवेंट की सबसे बड़ी खासियतें

4680 भारत सेल – भारत का पहला स्वदेशी लिथियम-आयन

ओला इलेक्ट्रिक ने अपने बेंगलुरु स्थित Krishnagiri गीगाफैक्ट्री (107 एकड़ में फैली) में देश का पहला 4680 Bharat Cell पेश किया। यह सेल न केवल पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित किया गया है, बल्कि कई मायनों में मौजूदा बैटरी तकनीक को पीछे छोड़ता है।

4680 भारत सेल की प्रमुख खूबियां:

10% अधिक ऊर्जा घनत्व (Energy Density) – यानी बैटरी में ज्यादा पावर स्टोर हो सकती है।

15 साल की लंबी लाइफस्पैन – मौजूदा बैटरियों से कहीं ज्यादा टिकाऊ।

फास्ट चार्जिंग – सिर्फ 15 मिनट में 80% चार्ज।

5 गुना अधिक क्षमता – ओला के R&D प्रमुख राजेश मेक्कट के अनुसार, यह सेल प्रतियोगिता की तुलना में पांच गुना ज्यादा क्षमता प्रदान करता है।

इसका मतलब है कि भारत अब विदेशी बैटरी तकनीक पर निर्भर नहीं रहेगा और अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा।

फेराइट मोटर – रेयर-अर्थ मेटल्स से मुक्ति

आज तक इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले मोटर्स में रेयर-अर्थ मेटल्स (Rare Earth Metals) का प्रयोग होता रहा है, जिन पर चीन जैसे देशों का वर्चस्व है। लेकिन ओला इलेक्ट्रिक ने देश की पहली Rare-Earth-Free Ferrite Motor पेश की है।

यह मोटर न केवल सस्ती है बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी है। इसका मतलब है कि भारत अब ईवी मोटर टेक्नोलॉजी में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बढ़ चुका है।

MoveOS 6 – एआई आधारित नया ऑपरेटिंग सिस्टम

ओला ने इवेंट में अपना नया ऑपरेटिंग सिस्टम MoveOS 6 भी लॉन्च किया। यह एक एआई-पावर्ड सिस्टम है, जिसमें 25 से अधिक स्मार्ट फीचर्स शामिल हैं।

MoveOS 6 के मुख्य फीचर्स:

Adaptive Cruise Control – ट्रैफिक के हिसाब से गाड़ी की स्पीड अपने आप कंट्रोल।

Front Collision Warning – आगे आने वाली गाड़ी या अवरोध की चेतावनी।

Lane Departure Warning – लेन बदलने पर तुरंत अलर्ट।

11 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट – यानी हिंदी, तमिल, तेलुगू, बंगाली सहित अन्य भाषाओं में इस्तेमाल।

यह सिस्टम 2026 की शुरुआत में रोलआउट किया जाएगा।

नए ईवी स्कूटर्स की लॉन्चिंग

ओला इलेक्ट्रिक ने अपने लोकप्रिय स्कूटर सीरीज़ में भी नए मॉडल पेश किए।

Ola S1 Pro Sport

कीमत: ₹1,49,999

बैटरी विकल्प: 5.2kWh और 4kWh

खासियत: गैस-चार्ज्ड रियर सस्पेंशन और कार्बन फाइबर डिटेलिंग

Ola S1 Pro+

कीमत: ₹1,69,999

इसमें 4680 भारत सेल का इस्तेमाल किया गया है।

Ola Roadster X+

कीमत: ₹1,89,999

इसमें भी भारत सेल तकनीक मौजूद है।

ये सभी स्कूटर्स अब बेहतर रेंज, फास्ट चार्जिंग और स्पोर्टी डिजाइन के साथ आते हैं, जो युवाओं और शहरी कम्यूटर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

डायमंडहेड – भविष्य की सुपरबाइक

इवेंट की सबसे बड़ी और रोमांचक झलक थी Diamondhead Electric Motorcycle Prototype। इसे ओला ने एक “Singularity Step” करार दिया – यानी इंसान और मशीन का ऐसा मेल जो नई सीमाओं को छू सके।

डायमंडहेड की खासियतें:

0 से 100 kmph सिर्फ 2 सेकंड में

लॉन्च लक्ष्य: 2027

अनुमानित कीमत: 5 लाख से कम

यह सुपरबाइक भारत को दुनिया के हाई-परफॉर्मेंस ईवी मार्केट में पहचान दिला सकती है।

Ola Electric की चुनौतियाँ और प्रतिस्पर्धा

हालांकि ओला ने बड़ी घोषणाएं की हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं।

जुलाई 2025 में कंपनी का मार्केट शेयर 19.9% से घटकर 17.2% पर आ गया।

एथर एनर्जी, टीवीएस, बजाज और हीरो जैसे प्रतिद्वंदी तेजी से बाजार में पकड़ बना रहे हैं।

उपभोक्ताओं की बढ़ती अपेक्षाओं और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी भी बड़ी चुनौती है।

लेकिन ओला का मानना है कि उसके नए प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी भारत को वैश्विक ईवी हब बनाने में मदद करेंगे।

भारत के लिए ओला इलेक्ट्रिक की रणनीतिक महत्व

(1) ऊर्जा आत्मनिर्भरता

4680 भारत सेल और फेराइट मोटर भारत को विदेशी आयात पर निर्भरता से मुक्त करेंगे।

(2) रोज़गार सृजन

Krishnagiri गीगाफैक्ट्री हजारों लोगों को रोजगार दे रही है और भविष्य में यह संख्या लाखों तक जा सकती है।

(3) ग्लोबल लीडरशिप

डायमंडहेड और MoveOS जैसी टेक्नोलॉजी भारत को ग्लोबल ईवी इनोवेशन की दौड़ में आगे ला सकती हैं।

(4) ग्रीन फ्यूचर

ओला का यह कदम भारत के कार्बन-न्यूट्रल मिशन को भी मजबूती देगा।

ओला इलेक्ट्रिक का Sankalp 2025 भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। 4680 भारत सेल, फेराइट मोटर, MoveOS 6, नए ईवी स्कूटर्स और डायमंडहेड बाइक जैसी घोषणाओं ने यह दिखा दिया है कि भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं बल्कि नवाचार और उत्पादन में भी अग्रणी बनने की ओर है।

आने वाले वर्षों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ओला कैसे इन वादों को वास्तविकता में बदलता है और भारत को ईवी क्रांति का वैश्विक नेता बनाता है।

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