Rooftop Solar Panels, हरियाणा सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिया है कि राज्य की सभी सरकारी इमारतों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएँ। यह फैसला न केवल हरियाणा को नवीकरणीय ऊर्जा की ओर तेजी से ले जाएगा, बल्कि बिजली बिलों में भारी कमी लाकर सरकारी खर्च को भी लंबे समय में कम करेगा।यह घोषणा हाल ही में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद सामने आई, जिसमें मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग और डिस्कॉम अधिकारियों को सौर ऊर्जा को मिशन मोड में अपनाने के लिए सख्त दिशानिर्देश जारी किए।
सरकारी इमारतों पर अनिवार्य होंगे Solar Panels: क्या है योजना?
हरियाणा में हजारों सरकारी संस्थान
✓ स्कूल
✓ कॉलेज
✓ अस्पताल
✓ सचिवालय और मंडल स्तर के दफ्तर
✓ पंचायत भवन
✓सार्वजनिक विभागों की अन्य इमारतें
इन सभी पर जल्द ही रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि statewide energy consumption का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में बिजली उत्पादन की लागत कम हो और पर्यावरणीय क्षति भी घटे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि: हर सरकारी इमारत सूर्य से ऊर्जा पैदा करेगी, और हरियाणा को स्वच्छ ऊर्जा के मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया जाएगा।
24,000 मेगावाट बिजली क्षमता का लक्ष्य
हरियाणा ने अगले सात वर्षों के भीतर 24,000 MW बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। यह आज की तुलना में काफी बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए दो प्रमुख रास्ते अपनाए जाएंगे।
✓रूफटॉप सोलर प्रणाली का तेजी से विस्तार
✓नए सोलर पार्कों की स्थापना
सरकार का मानना है कि यदि बड़े पैमाने पर सरकारी संस्थान सोलर ऊर्जा अपनाएंगे, तो निजी भवनों और आम उपभोक्ताओं को भी प्रेरणा मिलेगी।
अब तक का रिकॉर्ड: कितनी छतों पर लगे हैं सोलर पैनल?
सरकार ने हाल ही में बताया कि 20 नवंबर 2025 तक हरियाणा में कुल 42,486 rooftop solar इंस्टॉलेशन पूरे किए जा चुके हैं। लेकिन इसका लक्ष्य इससे कई गुना बड़ा है। योजना के अनुसार, मार्च 2027 तक राज्य में 2,22,000 सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जाएंगे। यह एक बेहद आक्रामक और दूरदर्शी लक्ष्य है, जो हरियाणा को पूरे उत्तर भारत में सौर ऊर्जा का केंद्र बना सकता है।
नई योजना: “सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना”
बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने एक नई नीति तैयार की है, जिसमें, सरकारी कर्मचारियों, समय पर बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं और संस्थानों को rooftop solar लगाने पर आर्थिक और तकनीकी सहायता मिलेगी। यह योजना राज्य सरकार की मंजूरी के बाद लागू की जाएगी और उम्मीद है कि इससे सौर ऊर्जा के अपनाने की गति कई गुना बढ़ेगी।
पर्यावरण संरक्षण + सुरक्षित सड़कें सरकार का समग्र दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री सैनी ने सिर्फ सोलर पैनल लगाने का ही निर्देश नहीं दिया, बल्कि इसके साथ कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए:
✔ नुकसानदायक पुराने बिजली खंभों को हटाने का आदेश, कई हाइवे और शहरी सड़कों पर पुराने व झुके हुए बिजली पोल दुर्घटनाओं का कारण बनते रहे हैं। सरकार ने इन्हें हटाने और आधुनिक, सुरक्षित ढाँचा बनाने का निर्देश दिया है।
✔ शहरों की विजुअल ब्यूटी बढ़ाने की योजना, सोलर पैनल लगाने के साथ, तारों का जंजाल कम होगा, बिजली ढाँचा व्यवस्थित होगा, शहरों का लुक सुंदर बनेगा, यह हरियाणा की “ग्रीन + क्लीन” पॉलिसी का अहम हिस्सा है।
क्यों जरूरी है सौर ऊर्जा पर यह बड़ा निवेश?
✓बिजली खर्च में भारी कमी
सरकारी विभाग हर साल अरबों रुपये बिजली बिल पर खर्च करते हैं।
सोलर पैनल लगने के बाद, 20–40% खर्च तुरंत घटेगा, 5 वर्षों में लागत निकल जाएगी, 25–30 साल तक मुफ्त बिजली मिलेगी
✓पर्यावरण को बड़ा लाभ, कार्बन उत्सर्जन कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ प्रभावी कदम
✓ऊर्जा सुरक्षा, हरियाणा में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। सोलर ऊर्जा राज्य को बाहरी स्रोतों पर निर्भरता से मुक्त कर सकती है।
चुनौतियाँ भी कम नहीं, लेकिन समाधान मौजूद
हरियाणा की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। इंस्टॉलेशन की गति इतने बड़े पैमाने पर समय पर इंस्टॉलेशन करना चुनौतीपूर्ण होगा। रखरखाव सोलर पैनल की नियमित सफाई और देखरेख जरूरी है। पुरानी इमारतों की संरचना कुछ सरकारी भवनों की छतें सोलर पैनल के भार के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। निजी क्षेत्र की कम भागीदारी लक्ष्य तभी पूरा होगा जब लोग अपने घरों व दुकानों में भी सोलर अपनाएँगे। सरकार इन सभी पर विचार कर रही है और समाधान भी तैयार कर रही है, जैसे, आसान बैंक लोनसब्सिडी तकनीकी हेल्पलाइन त्वरित मंजूरी प्रणाली
हरियाणा की ऊर्जा क्रांति का नया अध्याय
यह फैसला हरियाणा की भविष्य नीति को स्पष्ट करता है:
✓ स्वच्छ ऊर्जा
✓कम बिजली बिल
✓आधुनिक बुनियादी ढाँचा
✓सुरक्षित और सुंदर शहरी डिज़ाइन
✓पर्यावरण संरक्षण
✓ऊर्जा आत्मनिर्भरता
अगर यह मिशन पूरी तरह लागू होता है, तो आने वाले 5–7 वर्षों में हरियाणा भारत का पहला ऐसा बड़ा राज्य बन सकता है, जहाँ सरकारी संस्थान अपनी बिजली खुद पैदा करेंगे।
निष्कर्ष: हरियाणा का “सोलर स्टेट मॉडल” देश के लिए उदाहरण बनेगा
हरियाणा सरकार का यह कदम वास्तव में एक ऊर्जा क्रांति का संकेत है। रूफटॉप सोलर का यह व्यापक और अनिवार्य कार्यक्रम आने वाले दशकों में राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और जनता, सभी के लिए लाभकारी साबित होगा।
