Site icon TheHints24

PM Modi: बिहार में ग्रामीण महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए दिया उद्यमिता की नई ताकत”Jeevika Nidhi”

Jeevika Nidhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 2 सितम्बर 2025 दोपहर 12: 30 pm पर नई दिल्ली से Online Video कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा बिहार राज्य में ग्रामीण महिलाओं को “जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड ” का शुभारंभ किया। जिससे ग्रामीण उद्यमी महिलाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिलेगा सस्ता और सीधा उनके बैंक खाते में फंड। जिससे ग्रामीण उद्यमी महिलाएं बिना किसी प्रकार की सरकारी लेट लपेट के सीधे अपने व्यवसाय को सुगमता पूर्वक कर सकती हैं।

“डिजिटल प्लेटफॉर्म से मिलेगा सस्ता और सीधा फंड, ग्रामीण महिलाओं के सपनों को मिलेगा पंख”

PM Narendra Modi : “बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड” (Bihar Rajya Jeevika Nidhi Saakh Sahkari Sangh Limited) का शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री संस्था के बैंक खाते में ₹105 करोड़ की राशि भी ट्रांसफर करेंगे। यह ऐतिहासिक कदम बिहार की लाखों ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

जीविका निधि (Jeevika Nidhi) क्या है?

जीविका निधि का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को सस्ती ब्याज दरों पर आसान फाइनेंस उपलब्ध कराना है। यह संस्था पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी, जिससे फंड ट्रांसफर सीधे और पारदर्शी तरीके से जीविका दीदियों के बैंक खाते में होगा। इस नई व्यवस्था में, जीविका से जुड़े सभी क्लस्टर-स्तरीय महासंघ (Cluster Level Federations) संस्था के सदस्य होंगे। बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही इस निधि में पूंजी का योगदान करेंगे।

क्यों ज़रूरी थी जीविका निधि?

बिहार की ग्रामीण महिलाएं लंबे समय से स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) के जरिए छोटे-छोटे व्यवसाय चला रही हैं। इन उद्यमियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों छोटे-छोटे उद्यम और प्रोड्यूसर कंपनियां खड़ी की हैं। लेकिन बड़ी चुनौती यह रही कि इन महिलाओं को वित्तीय सहायता पाने के लिए अक्सर माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं (MFIs) पर निर्भर रहना पड़ता था। इन संस्थाओं से मिलने वाले ऋण पर ब्याज दरें 18% से 24% तक होती थीं। समय पर बड़ा लोन मिलना भी कठिन था। जीविका निधि इस समस्या का समाधान बनेगी। अब महिलाओं को कम ब्याज दरों पर अधिक राशि के ऋण मिल पाएंगे, जिससे उनके व्यवसाय को गति मिलेगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा।

जीविका निधि की खास बातें

सरकार का सहयोग:
बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों मिलकर इस संस्था को वित्तीय मजबूती देंगे।

पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म:
हर लेन-देन ऑनलाइन होगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पारदर्शिता बनी रहेगी।

सीधा बैंक खाते में पैसा:
जीविका दीदियों को ऋण और अन्य सहायता सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

12,000 सामुदायिक कार्यकर्ता टैबलेट से लैस:
महिलाओं तक सेवाएं पहुंचाने और उन्हें डिजिटल रूप से सक्षम बनाने के लिए 12,000 सामुदायिक कैडर को टैबलेट दिए गए हैं।

20 लाख महिलाएं जुड़ेंगी:
शुभारंभ के दिन पूरे बिहार से करीब 20 लाख महिलाएं इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की साक्षी बनेंगी।

“डिजिटल इंडिया” और महिला सशक्तिकरण”नारी शक्ति” का संगम

प्रधानमंत्री मोदी ने कई मौकों पर कहा है कि डिजिटल इंडिया केवल टेक्नोलॉजी का अभियान नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का माध्यम है।

जीविका निधि इसका उदाहरण है क्योंकि: यह पूरी तरह डिजिटल है। यह पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करेगी।महिलाओं को आत्मनिर्भर भारत से सीधे जोड़ेगी। बिहार की लाखों महिलाएं छोटे स्तर पर दूध उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, बागवानी, सब्ज़ी उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य छोटे उद्योगों में काम कर रही हैं।अब जीविका निधि के आने से:उन्हें बड़ा और सस्ता लोन मिलेगा।वे अपने उद्यम को विस्तारित और आधुनिक कर पाएंगी।ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे।महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।

पिछले कुछ वर्षों में, बिहार की ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के जरिए न केवल घरेलू ज़िम्मेदारियों को संभाल रही हैं, बल्कि उद्यमिता की राह पर भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। अब जीविका निधि के जरिए: महिलाएं माइक्रोफाइनेंस की ऊंची ब्याज दरों से आज़ाद होंगी। वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार और समाज का नेतृत्व कर पाएंगी।यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगा।

Disclaimer: यह जानकारी सरकारी प्रेस रिलीज़, आधिकारिक घोषणाओं और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। हमारा उद्देश्य केवल समाचार और जानकारी साझा करना है। हम किसी भी योजना, निधि, ब्याज दर या सरकारी प्रक्रिया में परिवर्तन या अपडेट के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे। पाठकों से निवेदन है कि वे किसी भी निर्णय से पहले संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

Exit mobile version