बिहार सरकार ने “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना 2025” लॉन्च की। हर परिवार की एक महिला को 10,000 रुपये की सहायता और 2 लाख तक अतिरिक्त मदद मिलेगी। पढ़ें योजना की पूरी जानकारी।

बिहार CM नीतीश कुमार का बड़ा ऐलान: “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” से हर परिवार की एक महिला को मिलेगा व्यवसाय शुरू करने का मौका
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्य की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक योजना की घोषणा की है। आगामी विधानसभा चुनावों (अक्टूबर-नवंबर 2025) से ठीक पहले लॉन्च की गई इस योजना का नाम है – “मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना” (Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana)। इसका उद्देश्य है, हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार के अवसर देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और राज्य से पलायन की समस्या को कम करना।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
प्रारंभिक आर्थिक सहायता:
योजना के तहत, राज्य सरकार हर परिवार की एक महिला को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान करेगी। यह राशि सितंबर 2025 से दी जाएगी।
अतिरिक्त सहायता:
यदि महिला द्वारा शुरू किया गया व्यवसाय छह महीने बाद प्रगति करता है और उसका प्रदर्शन संतोषजनक होता है, तो सरकार अधिकतम 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त मदद भी प्रदान करेगी।
कार्यान्वयन की जिम्मेदारी:
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण विकास विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। वहीं, शहरी विकास एवं आवास विभाग भी जरूरत पड़ने पर सहयोग करेगा।
आवेदन प्रक्रिया:
राज्य के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी और इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
महिला उद्यमियों के लिए “हाट बाजार”
योजना के अंतर्गत सिर्फ वित्तीय सहयोग ही नहीं, बल्कि महिला उद्यमियों के लिए विशेष “हाट बाजार” (स्थानीय बाजार) भी गांवों, कस्बों और शहरों में विकसित किए जाएंगे।
इन हाट बाजारों का उद्देश्य है –
महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने का प्लेटफॉर्म देना
बाहरी बाजारों पर निर्भरता कम करना
स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर बढ़ाना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान और प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह योजना महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा:
“यह योजना न केवल महिलाओं की स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि राज्य के भीतर बेहतर रोजगार अवसर भी उपलब्ध कराएगी। जिससे लोगों को रोजगार की तलाश में बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।”
बिहार में महिला सशक्तिकरण की पृष्ठभूमि बनाना चाहते है CM
नीतीश कुमार का कार्यकाल (2005 से अब तक) लगातार महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित रहा है। उन्होंने पहले भी कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जैसे –
पंचायत और शहरी निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण
कन्या उत्थान योजना
साइकिल योजना, जिससे लाखों स्कूली लड़कियों की पढ़ाई जारी रही
जल-जीवन-हरियाली अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
नई योजना इन्हीं पहलों का विस्तार है, जो सीधे आर्थिक स्वतंत्रता पर केंद्रित है।
इस दूरदर्शी योजना से महिलाओं को सशक्तिकरण और संभावित फायदे!
राजनीतिक फायदा:
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इस तरह की महिला-केंद्रित योजना से नीतीश कुमार को चुनावी बढ़त मिलने की संभावना जताई जा रही है।
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी:
हर परिवार की एक महिला यदि खुद का व्यवसाय शुरू करेगी, तो परिवार की आय में सीधा योगदान होगा।
पलायन कम होगा:
बिहार से युवाओं का पलायन एक बड़ी समस्या है। इस योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने की संभावना है।
ग्राम्य और शहरी बाजारों का विकास:
“हाट बाजार” से छोटे स्तर पर बने उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार की महिलाओं के लिए एक गेमचेंजर साबित हो सकती है। यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि पूरे परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति को भी बेहतर करेगी।
चुनावी मौसम में आई यह योजना राजनीतिक रूप से कितनी कारगर होगी, यह तो आने वाले चुनाव परिणाम बताएंगे, लेकिन इतना तय है कि यह कदम बिहार के विकास और महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देगा।
