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Microplastics: क्या घर के खाने और पीने की चीज़ों में माइक्रोप्लास्टिक (Microplastics) है?

Microplatics: हाल के शोध के मुताबिक हमारे घर के खाने और पीने की चीज़ों में माइक्रोप्लास्टिक (Microplastics) मिलना अब काफी आम हो गया है। माइक्रोप्लास्टिक का मतलब है 5 मिलीमीटर से छोटे प्लास्टिक के टुकड़े, जो ज़्यादातर नंगी आंख से दिखते भी नहीं।

Microplatics: माइक्रोप्लास्टिक्स क्या हैं और ये क्यों खतरनाक हैं?

आजकल हमारा भोजन और पानी भी माइक्रोप्लास्टिक नामक छोटे प्लास्टिक कणों से दूषित हो रहा है। माइक्रोप्लास्टिक्स 5 मिलीमीटर से छोटे प्लास्टिक के टुकड़े होते हैं, जो आँखों से देख पाना मुश्किल है। लेकिन कुछ घरेलू तरीके हैं, जिनसे आप अनुमान लगा सकते हैं कि आपके खाने या पानी में माइक्रोप्लास्टिक्स हैं या नहीं। माइक्रोप्लास्टिक्स आमतौर पर बड़ी प्लास्टिक वस्तुओं के कचरे या घिसने के कारण बनते हैं। ये हमारे भोजन (जैसे- नमक, चीनी, पानी, सीफूड, शहद आदि) और पेय पदार्थों में धीरे-धीरे प्रवेश कर जाते हैं। इनके लगातार सेवन से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर हो सकता है।

ये हमारे खाने-पीने में कई तरह से आ जाते हैं:

1. पानी में

नल का पानी और प्लास्टिक बोतल का पानी – दोनों में माइक्रोप्लास्टिक पाए गए हैं।

बोतल के पानी में ज़्यादा होते हैं, क्योंकि बोतल का प्लास्टिक समय के साथ घिसकर छोटे टुकड़ों में टूट जाता है।

2. खाने में

नमक, खासकर समुद्री नमक, में क्योंकि समुद्र का पानी पहले से प्रदूषित है।

मछली, समुद्री भोजन, और कभी-कभी चिकन/अन्य मांस में, जब जानवर प्रदूषित पानी या खाना खाते हैं।

पैकेट बंद खाना, जो प्लास्टिक पैकिंग में होता है।

3. बर्तनों और किचन के सामान से

प्लास्टिक के कटिंग बोर्ड, नॉन-स्टिक पैन की कोटिंग, और माइक्रोवेव में प्लास्टिक के डिब्बे गरम करने से।

4. हवा से

घर की हवा और धूल में भी माइक्रोप्लास्टिक होते हैं, जो खाने पर गिर सकते हैं, खासकर जब कपड़े सिंथेटिक फैब्रिक के हों।

स्वास्थ्य पर असर
अभी शोध जारी है, लेकिन शुरुआती नतीजे बताते हैं कि माइक्रोप्लास्टिक से शरीर में सूजन, हार्मोनल गड़बड़ी और लंबे समय में अंगों को नुकसान हो सकता है।

घरेलू तरीके जिनसे आप माइक्रोप्लास्टिक्स (Microplatics )की पहचान कर सकते हैं!

1. होममेड डेंसिटी टेस्ट (हनी/तेल टेस्ट)

ध्यान दें: यह तरीका 100% पक्का नहीं है क्योंकि कुछ माइक्रोप्लास्टिक्स देखने या तैरने में मुश्किल हो सकते हैं

2. कॉफी फिल्टर Method

  • खासतौर पर लिक्विड फूड (जैसे- पानी, जूस) के लिए ये तरीका असरदार है।

  • कॉफी फिल्टर या 0.1-माइक्रोन वाला फ़िल्टर लें।

  • उसमें पानी या पेय पदार्थ को धीरे-धीरे छानें।

  • फ़िल्टर के ऊपर जो बचा रह जाता है, उसमें माइक्रोप्लास्टिक के छोटे-छोटे कण मौजूद हो सकते हैं, जो न घुलें और न ही सामान्य अंशों जैसे लगें।

  • इन्हें चश्मे आदि से ध्यान से देखें

  • कई रिसर्च में यह पाया गया है कि पानी को उबालने और फिर फिल्टर करने (कॉफी फिल्टर से) से 90% तक माइक्रोप्लास्टिक्स हटाए जा सकते हैं — खासकर हार्ड पानी में।

3. शेक टेस्ट (नमक/चीनी के लिए)

सावधानियाँ और सुझाव

क्या ये घरेलू तरीके 100% भरोसेमंद हैं?

यह याद रखें कि ये सभी तरीके सिर्फ अनुमान लगाने के लिए हैं। माइक्रोप्लास्टिक्स बहुत सूक्ष्म होते हैं, अक्सर देखने या सामान्य घरेलू टेस्ट से पकड़ में नहीं आते। यदि आप पूर्ण सटीकता चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से लेबोरेटरी टेस्ट करवाएँ

बार-बार पूछे जाने वाले सवाल?

मुझे अपने खाने में माइक्रोप्लास्टिक्स (Microplatics)मिले तो क्या करूँ?

क्या उबालने से सभी माइक्रोप्लास्टिक हट जाते हैं?

क्या ये माइक्रोप्लास्टिक्स स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं?

टिप: कोई भी घरेलू टेस्ट अंतिम समाधान नहीं हैं — संदिग्ध खाद्य या पेय पदार्थों के लिए हमेशा विशेषज्ञ या आपूर्ति स्रोत से पुष्टि करें।

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