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JioStar ने ICC मीडिया राइट्स डील से हटने का फैसला, 2026 T20 विश्व कप से पहले Sony–Netflix–Amazon को भेजे गए प्रस्ताव

Jiostar वैश्विक क्रिकेट के आर्थिक ढांचे को इस समय सबसे बड़ा झटका लगा है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की भारत में मीडिया राइट्स से जुड़ी सबसे महंगी डील अब टूटने की कगार पर है, क्योंकि JioStar जिसने भारत के लिए 2024 से 2027 तक ICC टूर्नामेंट्स के प्रसारण अधिकार खरीदे थे ,अब इस समझौते से बाहर निकलने की तैयारी में है। यह कदम न सिर्फ ICC के राजस्व मॉडल को चुनौती देता है, बल्कि 2026 T20 विश्व कप से पहले प्रसारण साझेदारी को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

JioStar ने क्यों छोड़ी ICC मीडिया राइट्स डील?

JioStar ने ICC को औपचारिक नोटिस भेजते हुए साफ कर दिया है कि मौजूदा आर्थिक स्थिति और बदलते डिजिटल विज्ञापन बाजार को देखते हुए डील को जारी रखना अब संभव नहीं है। डील छोड़ने के पीछे कई प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:

1. खेल प्रसारण में भारी घाटा -पिछले एक वर्ष में कंपनी को स्पोर्ट्स कंटेंट और राइट्स डील्स के कारण भारी वित्तीय नुकसान दर्ज करना पड़ा। कंपनी ने 2024–25 आर्थिक वर्ष में स्पोर्ट्स कंटेंट पर 25,000+ करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का प्रावधान बनाया है। ICC राइट्स से अपेक्षित विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन आय प्राप्त नहीं हुई।

2. रियल-मनी गेमिंग बैन का असर– भारत में फैंटेसी प्लेटफॉर्म्स एवं रियल-मनी गेमिंग सेवाओं पर पाबंदी और टैक्स दबाव ने बड़ा झटका दिया।
ये प्लेटफॉर्म्स क्रिकेट प्रसारण में सबसे बड़े विज्ञापनदाता होते थे। विज्ञापनों की भारी कटौती ने JioStar की अनुमानित आय को आधा कर दिया।

3. डिजिटल सब्सक्रिप्शन नहीं बढ़ रहा– भारत में “फ्री-टू-वॉच” मॉडल और OTT ऐप्स की अत्याधिक प्रतिस्पर्धा के कारण ,स्ट्रीमिंग कंपनियाँ बड़े राइट्स लेने से बच रही हैं। JioStar ने जो प्रीमियम सब्सक्रिप्शन वृद्धि की उम्मीद की थी, वह पूरी नहीं हो पाई।

ICC अब किसकी ओर देख रहा है?

JioStar के पीछे हटने के बाद ICC ने तुरंत भारत में मीडिया राइट्स के लिए नए पार्टनर्स तलाशने शुरू कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, ICC ने कई बड़े प्लेटफॉर्म्स से संपर्क किया है:

Sony Pictures Networks (SPNI)– Sony पहले भी ICC राइट्स के लिए प्रयास कर चुका है।
लेकिन इस बार ICC की मांग की जा रही उच्च कीमत Sony के लिए चुनौती बन सकती है।

Netflix– Netflix भारत में एंटरटेनमेंट तो चला रहा है, लेकिन क्रिकेट या लाइव स्पोर्ट्स में उसकी सक्रिय रुचि कम है। वह प्रीमियम कंटेंट पर फोकस करना चाहता है। ICC की महंगी डील उसे आकर्षित नहीं कर पाई।

Amazon Prime Video– Amazon पहले से कुछ देशों (जैसे न्यूजीलैंड) के क्रिकेट राइट्स रखता है। हालांकि भारत में इतनी भारी रकम की वैश्विक डील लेने में वह झिझक रहा है। अभी तक कोई भी कंपनी ICC के राइट्स में उच्च कीमत देने के लिए आगे नहीं आई है — जिससे ICC की चिंता और बढ़ गई है।

ICC के लिए यह संकट कितना बड़ा?

ICC की कमाई का लगभग 70–80% हिस्सा भारत से आता है। अगर भारत में ब्रॉडकास्टर नहीं मिलता या डील कम कीमत पर जाती है, तो:

  1. कई देशों के क्रिकेट बोर्डों की फंडिंग प्रभावित होगी
  2. आगामी टूर्नामेंट्स के आयोजन बजट पर असर पड़ेगा
  3. ICC की भविष्य की राइट्स वैल्यू कम हो सकती है
  4. स्पॉन्सरशिप और डिजिटल राजस्व भी प्रभावित होगा

यह संकट सिर्फ एक कंपनी के हटने का मामला नहीं है , यह पूरे वैश्विक क्रिकेट अर्थशास्त्र के लिए खतरे की घंटी है।

2026 T20 विश्व कप पर क्या असर पड़ेगा?

2026 पुरुष T20 विश्व कप से पहले प्रसारण अधिकार तय होना अनिवार्य है।
अगर यह डील लंबी खिंचती है तो:

  1. प्रसारण योजनाएँ रुक जाएँगी
  2. विज्ञापन साझेदारी अंतिम समय पर की जाएगी
  3. दर्शकों तक पहुंच और मार्केटिंग रणनीति प्रभावित होगी

ICC बड़े टूर्नामेंट के पहले किसी भी तरह की अनिश्चितता नहीं चाहता, इसलिए राइट्स बिक्री को तेजी से पूरा करने की कोशिश की जा रही है।

क्या JioStar को मजबूरी में डील जारी रखनी पड़ेगी?

ICC के नियमों के अनुसार, यदि नया ब्रॉडकास्टर समय पर नहीं मिलता,
तो JioStar को 2027 तक डील जारी रखनी पड़ सकती है। यानी भले ही JioStar डील छोड़ना चाहता हो, ICC उसे कानूनी रूप से बाध्य कर सकता है कि वह डील पूरी करे , जब तक नया पार्टनर नहीं चुना जाता।

बाजार विश्लेषण: असली समस्या कहाँ है?

1. स्पोर्ट्स राइट्स की कीमतें असामान्य रूप से बढ़ गई हैं डिजिटल प्लेटफार्मों की दौड़ में क्रिकेट राइट्स की कीमत कई गुना बढ़ाई गई।
लेकिन अब OTT कंपनियाँ घाटा झेलने को तैयार नहीं।

2. भारतीय दर्शक फ्री कंटेंट पसंद करते हैं प्रीमियम स्पोर्ट्स कंटेंट बेचने का मॉडल भारत में उतना सफल नहीं हो पाया।

3. विज्ञापन बाजार धीमा चल रहा है विशेषकर गेमिंग सेक्टर पर टैक्स और नियमों की वजह से क्रिकेट विज्ञापन घटे हैं।

क्या हो सकता है आगे?

✓ ICC राइट्स की कीमतें घटा सकता है

अगर कोई बड़ी OTT कंपनी बोली नहीं लगाती तो ICC को अपनी कीमतें कम करनी पड़ेंगी।

✓ Sony या Amazon के साथ कम कीमत पर समझौता

दोनों खिलाड़ी भारत में क्रिकेट दर्शकों पर पकड़ बनाने के इच्छुक हैं।

✓ हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा सकता है

टीवी + डिजिटल राइट्स अलग-अलग बेचे जा सकते हैं
ताकि कंपनियों का बोझ कम हो।

✓ JioStar फिर से सीमित कीमत पर डील कर सकता है

यदि ICC समाधान चाहता है, तो वह JioStar के साथ नई शर्तों पर बात कर सकता है।

निष्कर्ष: क्रिकेट के लिए यह सिर्फ प्रसारण संकट नहीं, यह बाजार का संकेत है

JioStar का कदम दर्शाता है कि भारत में स्पोर्ट्स मीडिया का इकॉनॉमिक मॉडल बदल रहा है। OTT प्लेटफॉर्म अब अंधाधुंध करोड़ों की बोली लगाने में विश्वास नहीं करते। विज्ञापन बाजार उतना मजबूत नहीं जितना क्रिकेट उद्योग सोचता था। ICC को भी अब अपनी रणनीति बदलने की जरूरत है। आने वाले कुछ महीनों में तय होगा कि 2026 T20 विश्व कप भारत में कौन प्रसारित करेगा और यह फैसला भारत ही नहीं, पूरे क्रिकेट विश्व की दिशा तय करेगा

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