GST Reform 2025, 56वें GST council की बैठक 3 Sept 2025 को हुआ था। जिसमे पुराने GST दर को समाप्त कर केवल दो GST दर 18%और 5% फाइनल किया गया। तब से लोगों के बीच काफी उत्साह और जिज्ञासा बना हुआ है कि आम आदमी की जरूरत की वस्तुएं कितना सस्ता होगा। इसी क्रम में मकान बनाने वाले वस्तुओं में जैसे सीमेंट, ईंट, मार्बल, टाइल्स, सरिया इत्यादि 5%और 18% के दायरे में आ गया है। आइए जानते है , 2025 कितना सस्ता होगा घर बनाना, बदलाव क्या है , कैसे लागू होगा और आम आदमी व डेवलपर्स पर कैसे असर होगा।
GST Reform 2025 से मुख्य बदलाव क्या है?
✓GST स्लैब संरचना में बदलाव : पुराने GST tax के 4 प्रमुख स्लैब 5%, 12%, 18% और 28% से बदलकर केवल 2 tax स्लैब 5% और 18% रखा गया है।
✓सीमेंट्स और स्टील सरिया में बदलाव: सबसे बड़ी राहत सीमेंट्स और स्टील सरिया पर हुआ है, GST 28%से घटाकर 18% कर दिया गया है।
✓ईंट-ब्रिक्स ,पत्थर, ग्रेफाइट और मार्बल GST दरों में कटौती: ग्रेनाइट,मार्बल, टाइल्स ईट ब्रिक्स इत्यादि सामग्री पर GST 12% से हटाकर 5% में रखा गया है।
✓सैंड लाइम ब्रिक्स इत्यादि सामग्री पर GST कर,12% से घटाकर 5% GST दायरे में कर दिया गया है।
✓लेबर चार्जेज , मेंटेनेंस और इत्यादि पर gst service charges Old की तरह same है।
✓न्यू GST Reform 22 सितंबर 2025 से पूरे देश लागू होगा।
न्यू GST Reform से घर निर्माण लागत में अनुमति बचत
सीमेंट्स और स्टील सरिया जो 28% के GST दायरे से बाहर होकर 18% न्यू GST दर में आए हैं, मतलब 10% का कमी होगा इससे पर kg के रेट से ₹30 -₹35 तक की बचत होगी। ब्रिक्स ईंट, मार्बल टाइल्स, ग्रेनाइट, लाइम इत्यादि सामग्री पर GST Reform के बाद रेट 12% से घटाकर 5% के दायरे में आ गया है जिसमें 7% कटौती लाभ आम जनता को सीधे तौर पर मिलेगा।
GST Reform से फायदे को प्रैक्टिकल उदाहरण के तौर पर समझते है
एक 1000 Sqfeet एरिया में 2bhk मकान बनाने पर कितना लागत लगेगा, old gst tax स्लैब दर और न्यू GST Reform tax स्लैब दर से कम्पेयर कर अनुमति फायदे को इस प्रकार निकाल सकते हैं।
✓अनुमानित बनावट (Construction Type)
2BHK, 1000 sq. ft
सामान्य निर्माण (Normal RCC structure)
एरिया वितरण:
BedRoom 1: 12×12 = 144 sq. ft
BedRoom 2: 12×12 = 144 sq. ft
Hall + Kitchen: 400 sq. ft
Bathrooms + Balcony + Passage: 312 sq. ft
✓निर्माण सामग्री की लागत (Material Cost)
सामग्री अनुमानित दर 2025 अनुमानित मात्रा Total Cost
Cement (पोर्टलैंड) ₹420/50kg 500 bags ₹2,10,000
Steel / सरिया ₹70/kg 4000 kg ₹2,80,000
Bricks ₹8/brick 50,000 ₹4,00,000
Sand ₹1500/Truck 20 trucks ₹30,000
Aggregate (Stone) ₹1800/Truck 15 trucks ₹27,000
Other materials (Tiles, Paint, Plumbing, Electrical) – – ₹3,00,000
✓ Cement और Steel पर GST 28%, बाकी पर GST 12% मानते हैं।
✓GST कैलकुलेशन
- High GST (28%): Cement + Steel = ₹2,10,000 + ₹2,80,000 = ₹4,90,000
GST 28% = ₹4,90,000 × 0.28 = ₹1,37,200
- Low GST (12%): Bricks + Sand + Aggregate + Other materials = ₹4,00,000 + ₹30,000 + ₹27,000 + ₹3,00,000 = ₹7,57,000
GST 12% = ₹7,57,000 × 0.12 = ₹90,840
Total GST: ₹1,37,200 + ₹90,840 = ₹2,28,040
✓Labour Cost (मजदूरी)
लगभग ₹1,200–₹1,500 per sq. ft (Region specific)
1000 sq. ft × ₹1,400 = ₹14,00,000
✓कुल खर्च (Total Cost)
घटक राशि (₹) Material (excluding GST) ₹11,47,000
GST ₹2,28,040
Labour ₹14,00,000
Total Estimated Cost ₹27,75,040 ≈ ₹27.75 लाख
GST बदलने पर Savings
यदि GST 28% → 18% और 12% → 5% हो जाए:
Cement+Steel: ₹4,90,000 × 0.18 = ₹88,200 (पिछले 1,37,200) → Saving = ₹49,000
बाकी: ₹7,57,000 × 0.05 = ₹37,850 (पिछले 90,840) → Saving = ₹52,990
Total Saving: ₹49,000 + ₹52,990 ≈ ₹1,01,990 (₹1 lakh)
निष्कर्ष की बात: GST सुधार के तहत सीमेंट, ईंट और पत्थरों पर कर दर घटाना आम नागरिकों और बिल्डरों दोनों के लिए वरदान साबित हो सकता है। घर बनाने वालों को जहाँ लाखों की बचत होगी, वहीं डेवलपर्स की लागत कम होने से आवासीय प्रोजेक्ट और किफायती हो सकते हैं।हालाँकि असली राहत तभी मिलेगी जब ये फायदे पारदर्शिता से ग्राहकों तक पहुँचाए जाएँ। यदि यह सुधार सही तरीके से लागू हुआ, तो आने वाले दिनों में अपना घर बनवाना पहले की तुलना में कहीं आसान और सस्ता होगा।
Disclaimer:इस लेख में दिए गए सभी आँकड़े और कैलकुलेशन सामान्य निर्माण लागत के औसत (thumb rules), अनुमानित दरों और उपलब्ध स्रोतों पर आधारित हैं। वास्तविक खर्चा स्थान, सामग्री की गुणवत्ता, ब्रांड, मजदूरी की दर, डिज़ाइन, वास्तु योजना और बाज़ार भाव के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। GST दरों में बदलाव की गणना केवल उदाहरण के लिए प्रस्तुत की गई है। इसे किसी भी तरह से सटीक कोटेशन (Quotation) या कानूनी/वित्तीय सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
