Gold Silver Price Today, भारत में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन बड़ी उछाल दर्ज की गई है। घरेलू बाजारों में 24 कैरेट सोना ₹1,23,980 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि चेन्नई में यह ₹1,25,250 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी की कीमतें भी ₹1,57,100 प्रति किलोग्राम के स्तर तक चढ़ गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह तेजी घरेलू मांग, अमेरिका के संभावित ब्याज दर कटौती संकेतों और डॉलर के कमजोर होने के कारण आई है।
Gold की कीमतों में जोरदार उछाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, 11 नवंबर की सुबह 9:54 बजे तक सोने के वायदा भाव में ₹1,100 प्रति 10 ग्राम की वृद्धि हुई। इससे एक दिन पहले यानी 10 नवंबर को भी सोने की कीमतों में ₹1,300 की बड़ी छलांग दर्ज की गई थी, जब दिल्ली में सोना ₹1,25,900 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। पिछले दो दिनों में 24 कैरेट सोना ₹1,810 और 22 कैरेट सोना ₹1,660 प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है। दिल्ली, मुंबई, लखनऊ और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में ज्वैलर्स का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की भीड़ में कोई कमी नहीं आई है।
शादी का मौसम बना बाजार का सहारा
भारत में इस समय विवाह सीज़न अपने चरम पर है, और यही सोने-चांदी की मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रहा है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, 1 नवंबर से 14 दिसंबर 2025 के बीच देशभर में लगभग 46 लाख शादियाँ होंगी, जिनसे करीब ₹6.5 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक लेन-देन होने की संभावना है। शादी के इस सीज़न में पारंपरिक रूप से सोने की खरीद बढ़ जाती है क्योंकि यह न केवल आभूषणों के रूप में बल्कि निवेश के रूप में भी देखा जाता है। लखनऊ में सोने की कीमत ₹1,25,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,55,500 प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुकी है। स्थानीय ज्वैलर्स के अनुसार, “कीमतें ऊँची जरूर हैं, लेकिन शादी के मौसम में भारतीय परिवार सोने की खरीद को शुभ मानते हैं, इसलिए डिमांड पर खास असर नहीं पड़ा है।”
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Gold की चमक
वैश्विक स्तर पर भी सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 11 नवंबर को सोना $4,146.70 प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गया, जो पिछले दिन की तुलना में 0.75% अधिक है। यह पिछले वर्ष की तुलना में करीब 59.56% की भारी बढ़त दर्शाता है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, यह तेजी अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की संभावित दर कटौती और कमजोर अमेरिकी डॉलर की वजह से आई है। बाजार में उम्मीद है कि 9-10 दिसंबर 2025 को होने वाली फेडरल बैठक में 25 बेसिस पॉइंट की एक और कटौती की जा सकती है।
डॉलर की कमजोरी ने बढ़ाई Gold की चमक
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) इस समय कई सालों के निचले स्तर पर है। 10 नवंबर को DXY 99.59 पर पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए सोना खरीदने का एक और बड़ा संकेत है। डॉलर कमजोर होने से विदेशी निवेशक सोने में निवेश को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, “फेड चेयर जेरोम पॉवेल की सतर्क टिप्पणियों के बावजूद, दिसंबर की दर कटौती की संभावना अभी भी मजबूत है।” अक्टूबर 2025 में फेडरल रिजर्व ने पहले ही ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर दी थी, जिससे यह 3.75%–4% के बीच आ गई थी।
सेंट्रल बैंकों की खरीदारी बनी सहारा
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट बताती है कि 2025 की तीसरी तिमाही में वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने 220 टन सोना खरीदा, जो पिछली तिमाही से 28% अधिक है। इससे वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों को मजबूत सहारा मिला है। इंफॉर्मेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा ने कहा,
“केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी ने सोने की कीमतों के नीचे एक मजबूत आधार तैयार कर दिया है। यह न केवल अल्पकालिक तेजी को बल्कि दीर्घकालिक स्थिरता को भी सुनिश्चित करता है।”
Silver भी दिखा रही है मजबूती
चांदी की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है। दिल्ली में 11 नवंबर को चांदी ₹1,57,100 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जो पिछले दिन से ₹100 अधिक और दो दिनों में ₹4,600 की वृद्धि दर्शाती है।चांदी का उपयोग आभूषणों के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्रों , जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर पैनल निर्माण में भी बढ़ रहा है। यही कारण है कि इसकी कीमतों में भी लगातार मजबूती बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान स्थिति में सोने में निवेश एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है। हालांकि अल्पावधि में थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है, लेकिन दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह एक स्थिर एसेट क्लास बनी रहेगी। दिल्ली के एक प्रमुख बुलियन ट्रेडर के अनुसार,
“शादी सीज़न और सेंट्रल बैंक की मांग के चलते निकट भविष्य में ₹1,26,000 प्रति 10 ग्राम का स्तर पार किया जा सकता है।”
Gold Silver Price की चमक अभी बाकी है
भारत के पारंपरिक और आर्थिक दोनों ही कारक फिलहाल सोने-चांदी की कीमतों के पक्ष में हैं। शादी का सीज़न, कमजोर डॉलर, फेडरल रिजर्व की नीतियां और केंद्रीय बैंकों की खरीद ,सभी कारक मिलकर बाजार में बुलिश रुझान दिखा रहे हैं। यदि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है और ब्याज दरों में और कमी होती है, तो विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोना ₹1,28,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,60,000 प्रति किलोग्राम तक जा सकती है।
Gold Silver Price प्रमुख शहरों में
✓दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,23,980 प्रति 10 ग्राम।
✓चेन्नई में ₹1,25,250 प्रति 10 ग्राम।
✓चांदी ₹1,57,100 प्रति किलोग्राम तक पहुंची।
✓46 लाख शादियों से ₹6.5 लाख करोड़ का बाजार अनुमान।
✓डॉलर इंडेक्स 99.59 पर — बहुवर्षीय निचले स्तर पर।
✓फेडरल रिजर्व की संभावित दर कटौती से निवेशकों का रुझान बढ़ा।
निष्कर्ष
भारत में सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि परंपरा, सुरक्षा और समृद्धि का प्रतीक है। इस शादी सीज़न में इसकी चमक न केवल आभूषणों में बल्कि अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। अगर वैश्विक परिस्थितियां ऐसी ही बनी रहीं, तो आने वाले हफ्तों में सोने की यह चमक और भी तेज़ हो सकती है। केंद्रीय बैंकों की 220 टन खरीदारी ने दिया सहारा।
