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Gold Price today : भारत में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल, 3 हफ्तों की गिरावट के बाद 6.02% की तेजी

Gold Price today, भारत में सोने की कीमतों ने इस हफ्ते अचानक तेज़ी पकड़ ली और तीन लगातार सप्ताह की गिरावट के बाद कीमतों में 6.02% की मजबूत बढ़त दर्ज की गई। कमजोर अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिज़र्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदें और वैश्विक स्तर पर बढ़ती सुरक्षित निवेश मांग ने सोने के दामों को फिर से नई ऊंचाइयों की ओर धकेल दिया है।घरेलू बाज़ार में 14 नवंबर को सोना लगभग ₹1,26,900 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह करीब ₹1,19,150 तक गिर गया था। अक्टूबर में हुई भारी गिरावट, जहां कीमतें ₹13,000 प्रति ग्राम से फिसलकर ₹12,000 तक आ गई थीं, के बाद यह तेज उछाल निवेशकों के लिए राहत भरी खबर साबित हुई है।

Gold Price,क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?

सोने की कीमतों में इस सप्ताह आई तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण वैश्विक और घरेलू कारण हैं:

✓कमजोर अमेरिकी डॉलर

    अमेरिकी डॉलर इंडेक्स हाल ही में 99 के आसपास आ गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना विदेशी खरीदारों के लिए अधिक आकर्षक हो गया। डॉलर कमजोरी का सीधा फायदा सोने को मिलता है क्योंकि यह अन्य मुद्राओं में सस्ता हो जाता है।

    ✓फेडरल रिज़र्व की संभावित ब्याज दर कटौती

      बाज़ार में दिसंबर 2025 में फेड द्वारा ब्याज दर घटाने की 50–67% संभावना जताई जा रही है।
      हालांकि कुछ फेड अधिकारियों के ‘मुद्रास्फीति अभी भी गर्म है’ जैसे बयान इन उम्मीदों को थोड़ा कम करते हैं, लेकिन कुल मिलाकर निवेशक इस संभावना को सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें आमतौर पर सोने को मजबूत करती हैं क्योंकि कम ब्याज पर बॉन्ड और अन्य फिक्स्ड-इनकम निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं।

      ✓भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग

        दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और आर्थिक अस्थिरता ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्प की तलाश करने पर मजबूर किया है।
        सोना वर्षों से ‘सेफ-हेवेन एसेट’ माना जाता है, इसलिए वैश्विक तनाव बढ़ने पर इसकी मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ती है।

        ✓अमेरिकी सरकार के शटडाउन के बाद माहौल में अनिश्चितता

          अमेरिका में सरकारी शटडाउन के समाप्त होने के बावजूद इसके प्रभाव आर्थिक आंकड़ों में देरी और नीति संबंधी भ्रम के रूप में देखे जा रहे हैं। विश्लेषकों के अनुसार इससे सुरक्षित निवेश—खासकर सोने की मांग को बढ़ावा मिला है।

          Gold Price,अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी रिकॉर्ड स्तर पर सोने की कीमतें

          वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतें इस सप्ताह $4,100 प्रति औंस से ऊपर बनी रहीं। यह स्तर न सिर्फ लंबे समय से देखा जा रहा समर्थन स्तर है, बल्कि केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीद ने भी इसमें अहम योगदान दिया है।

          केंद्रीय बैंकों की जबरदस्त खरीद

          विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के मुताबिक, 2025 की तीसरी तिमाही में विश्वभर के केंद्रीय बैंकों ने 220 टन सोने की खरीदारी की—जो पिछले वर्ष की तुलना में 28% अधिक है। कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक डॉलर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से अपने रिज़र्व में सोने की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।

          यह संस्थागत खरीदारी सोने की कीमतों के लिए एक मजबूत आधार बनाती है और गिरावट के दौर में बाजार को स्थिरता प्रदान करती है।

          भारत में शादी का सीजन बना Gold Price में उछाल की बड़ी वजह

          भारत में शादी का सीजन शुरू होते ही सोने की भौतिक मांग में तेजी देखी जा रही है। परंपरागत रूप से भारतीय परिवार इस समय सोना खरीदना शुभ मानते हैं—जिसका सीधा असर कीमतों में भी दिखाई देता है। घरेलू मांग का रुझान

          जुलाई-सितंबर तिमाही में निवेश मांग 20% बढ़ी।

          हालांकि कुल सोने की खपत 16% घट गई, जिसका कारण है बढ़ते दाम और बजट पर दबाव। विश्व स्वर्ण परिषद के भारत क्षेत्र के सीईओ, सचिन जैन, का कहना है कि उपभोक्ता अब उच्च कैरेट, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और सिक्कों जैसे विविध विकल्पों में खरीदारी कर रहे हैं।

          कीमतों में 30–35% सालाना बढ़ोतरी: खरीदारों के लिए मुश्किल

          सोने के दाम पिछले साल की तुलना में 30–35% ऊपर हैं, जिससे शादी के मौसम में पारंपरिक आभूषण खरीदना कई परिवारों के लिए महंगा पड़ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया सुधार निवेशकों के लिए लंबी अवधि में एक अवसर साबित हो सकता है।

          क्या 2026 तक सोना $5,000 तक पहुंच सकता है?

          कुछ अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों और निवेश बैंकों ने अनुमान लगाया है कि 2026 तक सोने की कीमतें $5,000 प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकती हैं।
          यह पूर्वानुमान निम्न कारणों पर आधारित है:

          ✓वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

          ✓मुद्रास्फीति का दबाव

          ✓केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी

          ✓डॉलर की कमजोरी

          ✓भू-राजनीतिक तनाव का बढ़ना

          ✓निवेशकों का सुरक्षित विकल्पों की ओर झुकाव

          यदि ये सभी कारक इसी तरह बने रहते हैं, तो सोने की कीमतें आने वाले वर्षों में ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छू सकती हैं।

          निष्कर्ष: क्या यह सोना खरीदने का सही समय है?

          इस सप्ताह की तेज़ी ने यह संकेत दिया है कि सोने की कीमतें अपने समर्थन स्तर से उभर रही हैं।
          हालांकि अल्पावधि में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना अभी भी एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है। जो खरीदार शादी या निवेश उद्देश्य से सोना खरीदना चाहते हैं, उनके सामने दुविधा यह है कि कीमतें ऊंची हैं—परंतु मांग के चलते और वैश्विक कारकों को देखते हुए आगे और बढ़ोतरी भी संभव है।

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