अब मिडिल क्लास के बस में नही रहा सोना खरीद पाना,सोने की कीमत ने रचा नया रिकॉर्ड |Gold Price Today 2025

Gold Price Today 2025: भारत में सोने की कीमत दिन प्रतिदिन इतिहास बनाते जा रहा है आज बनाया नया रिकॉर्ड, 1,03,670 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया। एक्सपर्ट बता रहे हैं कि 50% टैरिफ लगने से ,डॉलर के मुकाबले रूपया में गिरावट और अमेरिका-भारत ट्रेड वॉर से सोने में लगातार तेजी देखने को मिल रहा है। जानें भारत के सराफा बाजार में Gold Price Today और आगे का संभावित अनुमान।

सोना क्यों हुआ इतना महंगा?

शुक्रवार को सोने की कीमत में 2,100 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी छलांग देखी गई और 103670 रिकॉर्ड ऊंचाई पर जंप किया और इस बीच, रुपया डॉलर के मुकाबले 88.19 तक टूट गया, जो अब तक का सबसे बड़ा निचला स्तर है। रुपया पहली बार 88 का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ गया, जिसने सोने की मांग को और बढ़ा दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में यह उछाल सीधे तौर पर अमेरिका-भारत के बीच जारी व्यापार युद्ध (Trade War) से जुड़ा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हफ्ते भारत से आने वाले सामानों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगा दिए, जिससे कुल शुल्क दर बढ़कर 50% हो गई।

30 अगस्त 2025 – सोने की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने निवेशकों और ज्वैलरी प्रेमियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। आज सराफा बाजार न्यू दिल्ली में सोने की कीमत कुछ इस प्रकार रहा है।

नई दिल्ली सराफा बाजार में gold price का विवरण

24 कैरेट (शुद्ध सोना): ₹10,502 प्रति ग्राम

22 कैरेट: ₹9,620 प्रति ग्राम

18 कैरेट: ₹7,877 प्रति ग्राम

14 कैरेट: ₹6,123 प्रति ग्राम

सोने की कीमतों में तेजी क्यों?

  1. रुपया की कमजोरी: रुपये डॉलर के मुकाबले गिरावट के कारण आयात महंगा हो गया, जिससे घरेलू सोने की कीमतों में उछाल आया है।
  2. अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती: वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है।
  3. सुरक्षित निवेश की मांग: आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के बीच निवेशक सोने को सुरक्षित विकल्प के रूप में चुन रहे हैं।

वर्तमान रुझान: रिकॉर्ड की ओर?

अगस्त के अंत तक बढ़ती कीमतों ने बाजार में हलचल मचा दी है। उदाहरण के लिए, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,03,670 तक पहुंच गई, जो एक नया रिकॉर्ड है।

कौन से कैरेट उपयुक्त?

कैरेट शुद्धता (%) विशेषता

24K 99.9% निवेशकों के लिए आदर्श, लेकिन नरम होती है
22K ~91.6% पारंपरिक भारतीय आभूषणों में सामान्य
18K 75% आधुनिक और मजबूती के लिए बेहतर
14K ~58.5% फैशनेबल गहनों और टिकाऊपन हेतु उपयुक्त

भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर

इन भारी-भरकम 50% टैरिफ का सबसे ज्यादा असर भारत के टेक्सटाइल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, फुटवियर और केमिकल्स जैसे प्रमुख निर्यात उद्योगों पर पड़ा है। ये सेक्टर मिलकर लाखों लोगों को रोजगार देते हैं।

निवेश बैंक Jefferies का अनुमान है कि इन टैरिफ की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को 55-60 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। वहीं, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत की जीडीपी ग्रोथ में लगभग 0.6 से 0.8 प्रतिशत अंक तक की गिरावट आ सकती है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भूमिका

सोने की कीमतों में तेजी का एक और कारण अमेरिकी Federal Reserve की ब्याज दरों में संभावित कटौती है। कई बड़े बैंक – जैसे Barclays, BNP Paribas और Deutsche Bank – अब सितंबर में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।

जैसा कि इतिहास बताता है, ब्याज दरों में कटौती से सोना हमेशा फायदा उठाता है, क्योंकि यह बिना ब्याज का सुरक्षित निवेश माना जाता है।

World Gold Council के सीईओ डेविड टेट ने कहा –
“मुझे फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं दिख रही जहां सोने की कीमत गिरे। कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं – अमेरिका की ब्याज दरों में कटौती की संभावना और ट्रेड वॉर जैसी अनिश्चितताओं के कारण लोग सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को चुन रहे हैं।”

चांदी में भी लगातार तेजी

सोने की तरह चांदी ने भी रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। दिसंबर वायदा (December Futures) में चांदी की कीमत 1,900 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़कर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा हालात जल्दी खत्म होने वाले नहीं हैं। Ya Wealth Global Research ने निवेशकों को सलाह दी है कि सोने को 1,02,500 रुपये के स्तर पर खरीदना फायदेमंद हो सकता है, जिसका लक्ष्य 1,05,000 रुपये तक है।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना 1,00,000 से 1,05,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की रेंज में बना रह सकता है।

निष्कर्ष

भारत में सोने की कीमत का 1,03,670 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचना केवल घरेलू मांग का परिणाम नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल ट्रेड वॉर, रुपया-डॉलर उतार-चढ़ाव और अमेरिकी मौद्रिक नीतियों का संयुक्त प्रभाव है।

निवेशकों के लिए यह समय सोने को एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) मानने का है। हालांकि, उपभोक्ताओं और ज्वेलरी उद्योग के लिए यह कीमतें चिंता का विषय हैं।