Gold Price Today in India,अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिका में अस्थायी फंडिंग बिल पारित होने के बाद वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। भारत में भी आज सोने-चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर वायदा सोना 0.54 प्रतिशत बढ़कर ₹1,27,150 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी के दिसंबर वायदा अनुबंधों में 1.84 प्रतिशत की तेजी के साथ कीमत ₹1,65,078 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
Gold and Silver की कीमतों में उछाल, विभिन्न शहरों में दरें
आज यानी 13 नवम्बर 2025 को देशभर में सोने की दरों में तेजी देखी गई।
✓दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,27,950 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो पिछले दिन की तुलना में ₹2,290 अधिक है।
22 कैरेट सोना ₹1,17,300 प्रति 10 ग्राम पर रहा।
✓मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,25,500 प्रति 10 ग्राम रही, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,15,040 पर उपलब्ध है।
✓चेन्नई में सोने की दरें सबसे ऊंची रहीं — 24 कैरेट सोना ₹1,28,730 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,17,980 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
✓चांदी की बात करें तो दिल्ली और मुंबई में स्पॉट रेट ₹1,72,000 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया, जो पिछले सप्ताह की तुलना में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्शाता है।
Gold Price में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी ने बढ़ाई चमक
सोने की इस बढ़त के पीछे सबसे बड़ा कारण रहा अमेरिकी डॉलर की कमजोरी। अमेरिकी कांग्रेस द्वारा अस्थायी फंडिंग बिल पास किए जाने से वहां की सरकार का शटडाउन खत्म हो गया, जिससे निवेशकों में राहत का माहौल बना। जैसे ही अनिश्चितता कम हुई, निवेशकों ने एक बार फिर सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में अपनाया।इस कदम से अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों जैसे मुद्रास्फीति (Inflation) और रोजगार रिपोर्ट (Employment Data) के जारी होने का रास्ता साफ हुआ है, जो अब फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति को दिशा देंगे।
फेडरल रिजर्व दर कटौती की उम्मीद से कमोडिटी बाजार में जोश
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना लगातार बढ़ रही है। CME Group के FedWatch Tool के अनुसार, निवेशक अब लगभग 64 प्रतिशत संभावना मान रहे हैं कि फेड दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट की दर कटौती करेगा। क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता (Non-Yielding Asset), इसलिए जब ब्याज दरें घटती हैं, तो सोने को रखने की अवसर लागत (Opportunity Cost) कम हो जाती है। यही कारण है कि निवेशक ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीद में सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
Gold Price पर,विश्लेषकों की राय
LKP Securities के वीपी और रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, अमेरिका में अस्थायी सरकारी पुनः खोलने के बाद बाजार में उत्साह दिख रहा है। अब जब महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े जारी होंगे, तो फेडरल रिजर्व की नीति पर अधिक स्पष्टता मिलेगी। फिलहाल सोने का प्रमुख ट्रेडिंग रेंज ₹1,22,500 से ₹1,26,000 के बीच रह सकता है।वहीं, स्विस बैंक UBS के विश्लेषकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि, फेडरल रिजर्व की नरम नीति (Easing Path) और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी निकट भविष्य में कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक माहौल बनाए रखेगी। श्रम बाजार की सुस्ती भी 2026 की शुरुआत तक फेड को अतिरिक्त दर कटौती की दिशा में आगे बढ़ा सकती है।
वैश्विक संकेत,भू-राजनीतिक तनाव और मांग में सुधार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, निवेशकों ने सोने को फिर से “सुरक्षित संपत्ति” के रूप में अपनाना शुरू किया है।
यूरोप और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के साथ-साथ चीन और भारत जैसे देशों में त्योहारों और विवाह सीजन से भौतिक मांग (Physical Demand) में तेजी आई है। भारत में नवंबर और दिसंबर को शादी के सीजन के रूप में देखा जाता है, और पारंपरिक रूप से इस दौरान सोने की मांग में 20–25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है।
इस घरेलू मांग ने भी आज की तेजी को मजबूती दी है।
Gold में निवेशकों के लिए संकेत
वर्तमान परिस्थितियों में सोने को लेकर बाजार विशेषज्ञ लघु अवधि (Short Term) में सकारात्मक बने हुए हैं। फेडरल रिजर्व की संभावित दर कटौती और डॉलर की कमजोरी सोने के लिए अनुकूल मानी जा रही है। हालांकि, निवेशकों को वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और डॉलर इंडेक्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि किसी भी अप्रत्याशित नीति परिवर्तन से सोने की दिशा प्रभावित हो सकती है। चांदी की कीमतों में भी आने वाले दिनों में मजबूती देखी जा सकती है, क्योंकि औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि फेडरल रिजर्व दिसंबर में दरों में कटौती करता है और डॉलर कमजोर बना रहता है, तो सोना ₹1,30,000 प्रति 10 ग्राम का स्तर पार कर सकता है। हालांकि, यदि अमेरिकी अर्थव्यवस्था से सकारात्मक आंकड़े आते हैं, तो यह तेजी अस्थायी भी हो सकती है। दीर्घकाल में, महंगाई और ब्याज दरों की दिशा ही सोने के रुझान को निर्धारित करेगी। भारत में स्थानीय ज्वेलर्स और निवेशकों के लिए यह समय सतर्क रहते हुए धीरे-धीरे खरीदारी करने का है।
निष्कर्ष
सोने और चांदी दोनों ने आज निवेशकों को नई उम्मीद दी है। अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितता में राहत, कमजोर डॉलर और बढ़ती घरेलू मांग ने भारतीय बाजारों में कीमती धातुओं की चमक फिर से लौटा दी है। अगर फेडरल रिजर्व ने अगले महीने ब्याज दरों में कटौती की, तो आने वाले हफ्तों में सोना नए रिकॉर्ड स्तर छू सकता है।
