भारत में 29 नवंबर 2025 को Gold and Silver Price कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। लगातार दूसरे दिन पीली धातु ने तेज़ी पकड़ी, जिससे घरेलू बाज़ार से लेकर अंतरराष्ट्रीय मार्केट तक हलचल तेज़ हो गई है। ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, और भारतीय शादी सीज़न, all मिलकर सोने की कीमतों को नए उच्च स्तर पर पहुँचा रहे हैं। इस ब्लॉग में हम समझेंगे कि अचानक सोना इतना क्यों महँगा हो गया है, इसके पीछे कौन-से आर्थिक कारण हैं, और आने वाले दिनों में इसका भारतीय उपभोक्ताओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
भारत में सोने की कीमतों में जबरदस्त छलांग
शुक्रवार 29 नवंबर को 22-कैरेट सोना ₹1,120 प्रति सॉवरेन (8 ग्राम) उछलकर ₹95,840 पर पहुँच गया। प्रति ग्राम बढ़त ₹140 रही, जिससे 22-कैरेट सोने की कीमत ₹11,980/ग्राम हो गई। वहीं शुद्ध 24-कैरेट सोना प्रमुख महानगरों में ₹12,982/ग्राम पर बिक रहा है। चाँदी भी रिकॉर्ड लेवल पर, केवल सोना ही नहीं, चाँदी की कीमतों में भी आग लगी हुई है। चाँदी ₹9,000 प्रति किलो उछलकर ₹1,92,000/किलो तक पहुँच गई है। यह 2025 का सबसे तीव्र इंट्रा-डे उछाल माना जा रहा है।
2025: सोने का ऐतिहासिक वर्ष 1979 के बाद सबसे बड़ी वार्षिक बढ़त
अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सोना इस वर्ष लगभग 58% YTD (Year-To-Date) बढ़ चुका है, जो 1979 के बाद की सबसे बड़ी वार्षिक छलांग है।
28–29 नवंबर को स्पॉट गोल्ड $4,210–$4,256 प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर रहा था, यानी अक्टूबर के $4,381 के रिकॉर्ड हाई के बेहद करीब। दुनिया भर में निवेशकों का रुझान तेजी से सोने की ओर बढ़ रहा है। आर्थिक अनिश्चितता और संभावित मंदी के संकेत सोने को ‘सेफ-हेवन’ एसेट बना रहे हैं।
Fed की संभावित रेट कट का सोने पर बड़ा प्रभाव
अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की दिसंबर बैठक पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हैं।
CME FedWatch Tool के मुताबिक, बाज़ार में अब 87% संभावना मानी जा रही है कि Fed 0.25% की दर कटौती करेगा—जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना केवल 50% थी। Fed अधिकारियों के हालिया ‘डोविश’ बयान और कमजोर आर्थिक संकेतकों ने सोने को नई ऊर्जा दी है। KCM Trade के चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर के अनुसार, दिसंबर में रेट कट की उम्मीदें अब अधिक मजबूत है। यही सोने की कीमतों के लिए सबसे बड़ा ईंधन है।” कम ब्याज दरें हमेशा सोने को फ़ायदा पहुँचाती हैं, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता। ऐसे में ब्याज देने वाले बॉन्ड और अन्य एसेट की तुलना में सोना अधिक आकर्षक हो जाता है।
भारत का शादी सीज़न बना सोने की कीमतों का बड़ा ड्राइवर
नवंबर से मार्च तक चलने वाला भारत का शादियों का सीज़न सोने की मांग को सीधे प्रभावित करता है।
CAIT (Confederation of All India Traders) के अनुसार, इस बार देश में लगभग 48 लाख शादियाँ होंगी। यह एक बड़ा आँकड़ा है, जो सीधे सोने के उपभोग को बढ़ाता है। दिवाली के दौरान निवेश-आधारित खरीदारी दोगुनी ,विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के डेटा के अनुसार,
कई शहरों में सोने के सिक्कों और बार की मांग दोगुनी हुई, उपभोक्ताओं ने निवेश उद्देश्य से भारी मात्रा में खरीदारी की, हालांकि ज्वेलरी की मांग कीमतों के कारण थोड़ी दबाव में रही। लेकिन अब शादी सीज़न चलते ही ज्वेलरी की मांग भी तेजी पकड़ रही है, जिससे कीमतें और ऊपर जा रही हैं।
विश्वभर के केंद्रीय बैंक भी गोल्ड निवेश में शामिल
2025 के तीसरे क्वार्टर में वैश्विक केंद्रीय बैंकों ने 220 टन सोना खरीदा,जो पिछले साल के मुकाबले 10% अधिक है। RBI की मजबूती बढ़ी, भारतीय रिज़र्व बैंक ने अप्रैल–सितंबर 2025 के बीच लगभग 600 किलोग्राम सोना खरीदा।
RBI के कुल भंडार अब 880 टन के आसपास पहुँच चुके हैं। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद से सोने के लिए एक स्ट्रक्चरल सपोर्ट बन गया है। इसका मतलब है कि नीचे की ओर गिरावट सीमित हो गई है।
कीमतें इतनी क्यों बढ़ रही हैं? प्रमुख 5 कारण
अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, कम ब्याज दरें ,निवेशक सोने की तरफ , कीमतें ऊपर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मंदी, जियोपॉलिटिकल तनाव और डॉलर की कमजोरी सोने में निवेश बढ़ाती है। केंद्रीय बैंकों की आक्रामक खरीदारी, सपोर्ट लेवल मज़बूत हो रहा है, सप्लाई टाइट रहती है। भारत का शादी सीज़न और घरेलू मांग, 48 लाख से अधिक शादियाँ ज्वेलरी की भारी मांग, निवेशकों का सुरक्षित निवेश की ओर रुख, गिरते बॉन्ड यील्ड → सोना अधिक आकर्षक
सोने की कीमतें कहाँ जा सकती हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर 9–10 की Fed बैठक निर्णायक साबित होगी।
यदि ब्याज दर में कटौती होती है, तो सोना $4,400/oz से ऊपर निकल सकता है, और भारत में 22K सोना ₹12,500/ग्राम के पास पहुँच सकता है।हालाँकि, यदि Fed रेट को स्थिर रखता है, तो छोटे समय में थोड़ी गिरावट या स्थिरता देखी जा सकती है।
भारतीय खरीदारों के लिए क्या सलाह?
निवेशक:
ETF, सोने के बार, डिजिटल गोल्ड अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
मौजूदा तेज़ी को ध्यान में रखते हुए आंशिक खरीदारी करें।
दुल्हन-दूल्हे के परिवार:
यदि शादी नज़दीक है, तो देरी न करें; कीमतें और बढ़ सकती हैं। हल्के वजन और 18K–20K ज्वेलरी विकल्प भी बढ़िया साबित हो सकते हैं।
✓दीर्घकालिक निवेश:
RBI और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी बताती है कि लंबे समय में सोना मजबूत रहेगा।
पोर्टफोलियो में 10–15% गोल्ड अलोकेशन सुरक्षित माना जाता है।
निष्कर्ष: 2025 बना सोने का स्वर्णिम वर्ष
सोने की कीमतों में तेज़ उछाल कई कारणों से मिलकर आया है, जैसे वैश्विक ब्याज दरों में संभावित नरमी, भारतीय उत्सव व शादी सीज़न की भारी मांग, और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी में उछाल।
29 नवंबर 2025 को भारत में देखी गई कीमतें इस बात का संकेत हैं कि आने वाले महीनों में भी सोना ऊँचाईयों की ओर रुख रख सकता है। अगर आप सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए महत्वपूर्ण फैसला लेने का हैक्योंकि बाज़ार अभी भी ‘बुल रैली’ के मूड में है।
