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EPFO Passbook Lite : PF खाता अब और आसान | Annexure K अब ऑनलाइन

EPFO Passbook Lite लॉन्च किया । अब कर्मचारी मोबाइल फोन से ही अपने PF खाते से रिलेटेड सारी जानकारी घर बैठे देख सकते है, जैसे बैलेंस अमाउंट, ट्रांजैक्शंस हिस्ट्री और Annexure k इत्यादि और इसके साथ ही साथ बहुत सारी सुविधाओं का लाभ जैसे क्लेम निपटारा 3 working days के अन्दर, UPI और ATM withdrawal आसानी से हो पाएगा।

Passbook Lite फीचर से बदलेगा 7 करोड़ कर्मचारियों का अनुभव

देश के करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत देने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक बड़ा डिजिटल सुधार पेश किया है। मंगलवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने “Passbook Lite” नामक नए फीचर की घोषणा की, जो EPFO 3.0 पहल का हिस्सा है। इस नई सुविधा से अब सदस्य सीधे मुख्य यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर अपने पीएफ खाते का साधारण दृश्य देख पाएंगे।

पहले कैसा था सिस्टम और क्यों थी परेशानी?

अब तक EPFO के सदस्यों को अपना पासबुक देखने के लिए अलग से “पासबुक पोर्टल” में लॉगिन करना पड़ता था। इस डुअल-लॉगिन सिस्टम के कारण अक्सर देरी, सिंक्रोनाइजेशन की दिक्कतें और उपयोगकर्ताओं की शिकायतें सामने आती थीं। कर्मचारियों को योगदान, निकासी और बैलेंस जानने के लिए अतिरिक्त समय खर्च करना पड़ता था। पासबुक पोर्टल और मुख्य पोर्टल अलग-अलग होने से यूजर्स भ्रमित हो जाते थे। तकनीकी खामियों के चलते कई बार डेटा अपडेट में देरी होती थी।

क्या है नया “Passbook Lite”?

नया Passbook Lite फीचर मौजूदा API इंटीग्रेशन पर आधारित है और इसे सीधे मुख्य मेंबर पोर्टल में जोड़ा गया है।

✓कर्मचारी अब केवल एक ही लॉगिन से अपने खाते की मुख्य जानकारियां देख सकते हैं।

✓इसमें योगदान, निकासी और हाल की लेन-देन का संक्षिप्त सारांश उपलब्ध होगा।

✓जो लोग विस्तृत जानकारी, ग्राफ और डिटेल एनालिसिस चाहते हैं, वे पुराना पासबुक पोर्टल इस्तेमाल कर सकेंगे।

✓इससे समय की बचत होगी, शिकायतें घटेंगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

Annexure K अब ऑनलाइन उपलब्ध होगा

EPFO ने एक और अहम सुधार किया है – Annexure K ट्रांसफर सर्टिफिकेट अब पहली बार ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है।

✓जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है तो PF अकाउंट का बैलेंस पुराने नियोक्ता से नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर होता है।

✓पहले यह दस्तावेज केवल PF कार्यालयों के बीच साझा होता था और कर्मचारी को इसे पाने के लिए अलग से अनुरोध करना पड़ता था।

✓अब सदस्य इसे सीधे पोर्टल से PDF फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकेंगे।

✓इससे वे यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि उनका बैलेंस और सर्विस पीरियड सही तरीके से अपडेट हो गया है।

क्लेम निपटान में तेजी लाने के लिए नई व्यवस्था

EPFO ने अपने प्रशासनिक ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया है। पहले PF क्लेम से जुड़ी फाइलें क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (Regional PF Commissioner) और ऑफिस-इन-चार्ज स्तर तक जाती थीं। अब कई अधिकार सहायक PF आयुक्त (Assistant PF Commissioner) और अधीनस्थ अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं। इसमें PF ट्रांसफर, सेटलमेंट, अग्रिम निकासी (advances), रिफंड और ब्याज समायोजन शामिल हैं।

ऑटो-सेटलमेंट सीमा बढ़ी

पहले ऑटो-सेटलमेंट सीमा ₹1 लाख तक थी।

अब इसे बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है।

अधिकतर अग्रिम क्लेम (advance claims) केवल 3 दिनों में निपटाए जा रहे हैं।

EPFO की डिजिटल सफलता की झलक

वित्त वर्ष 2024-25 में EPFO ने 90% ट्रांसफर क्लेम तुरंत निपटाए।

इससे स्पष्ट है कि संगठन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

EPFO 3.0 और Passbook Lite के अंतर्गत सभी सेवाओं को स्मार्ट, तेज़ और पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

सदस्यों को क्या फायदे होंगे?

इन नए सुधारों से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कई प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे –

1. समय की बचत – अब पासबुक देखने के लिए अलग पोर्टल में लॉगिन की जरूरत नहीं।

2. पारदर्शिता – PF बैलेंस और लेन-देन की जानकारी तुरंत मिलेगी।

3. सुविधा – Annexure K जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध।

4. तेज क्लेम निपटान – अग्रिम क्लेम केवल 3 दिन में पूरा।

5. विश्वास में वृद्धि – सदस्यों को PF खाते में अपडेट और बदलाव की जानकारी समय पर मिल सकेगी।

क्या है सरकार और EPFO का विज़न ?

केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि ये बदलाव न केवल सदस्यों की शिकायतें घटाएंगे, बल्कि उन्हें बेहतर सेवाओं का अनुभव भी देंगे।

EPFO का लक्ष्य है कि दीपावली 2025 से पहले EPFO 3.0 का पूरा रोलआउट कर दिया जाए।

इसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि से जुड़ी अधिकांश सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी होंगी।

निष्कर्ष की बात

EPFO का यह नया “Passbook Lite” फीचर और Annexure K की ऑनलाइन उपलब्धता करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत है। इससे न केवल कामकाज आसान होगा, बल्कि कर्मचारियों का संगठन पर विश्वास भी बढ़ेगा।

जैसे-जैसे EPFO 3.0 का पूरा स्वरूप सामने आएगा, उम्मीद की जा रही है कि यह संगठन भारत की सबसे पारदर्शी और तकनीक-आधारित सामाजिक सुरक्षा संस्थाओं में से एक बन जाएगा।

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