पूरा नाम: सुषिला कार्की जन्म वर्ष: 1952 (उम्र ~73 वर्ष) पेशा (राजनीति से पहले): वकील और न्यायविद विशेष उपलब्धि: नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice)
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। राजनीति विज्ञान और कानून में पढ़ाई, सक्रिय रूप से मानवाधिकार और न्यायिक सुधारों से जुड़ी रहीं।
उनकी छवि ईमानदार, सख़्त और पारदर्शी नेता की है। पहले न्यायपालिका में उन्होंने राजनीतिक दबाव को दरकिनार कर कई अहम फैसले दिए।
सुषिला कार्की न्यायपालिका से राजनीति में आईं महिला नेतृत्व की मिसाल हैं, जो अब भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का चेहरा बनी हैं। युवाओं की उम्मीद की किरण मानी जा रही हैं।
नेपाल की राजनीति में हलचल तेज़, जनता भ्रष्टाचार खत्म करने सड़कों पर। नई प्रधानमंत्री सुषिला कार्की ने स्पष्ट कहा – “लोगों की आवाज़ ही हमारी प्राथमिकता।”
प्रधानमंत्री ने कहा – “हमें नई पीढ़ी की आकांक्षाओं को सुनना होगा।” युवाओं ने मांग रखी है कि शासन पारदर्शी हो और भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई हो।
सुषिला कार्की ने वादा किया – “हम केवल पुल का काम करेंगे, अगली सरकार असली परिवर्तन लाएगी। हमारा लक्ष्य सिर्फ शांतिपूर्ण, भ्रष्टाचार-मुक्त नेपाल है।”
नेपाल के नए अंतरिम प्रधानमंत्री सुषिला कार्की ने Gen Z प्रदर्शनकारियों की मांगों को मानने का वादा किया है — भ्रष्टाचार खत्म, समानता और अच्छे शासन की स्थापना।
कार्की ने देश से अपील की है कि हिंसा छोड़ कर मिल कर आगे बढ़ें। भविष्य तय है—भ्रष्टाचार-मुक्त, न्यायसंगत नेपाल की दिशा में।
राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल, सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल और Gen Z के प्रतिनिधियों की बातचीत से अंतरिम सरकार बनी। लोकतंत्र के रास्ते पर प्रगति की उम्मीदें बढ़ीं।