Sri CP Radhakrishnan बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति सरल स्वभाव और सच्ची छवि वाले नेता

सी.पी. राधाकृष्णन ने देश के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। यह ऐतिहासिक क्षण भारतीय राजनीति में नई उम्मीद और ऊर्जा लेकर आया।

तमिलनाडु से ताल्लुक रखने वाले राधाकृष्णन लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और संगठन में कई अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।

उनका राजनीतिक सफर कोयम्बटूर से सांसद बनने के साथ शुरू हुआ था। दो बार लोकसभा सदस्य रहते हुए उन्होंने जनता से सीधा संवाद कायम रखा

उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले वे त्रिपुरा और झारखंड के राज्यपाल रह चुके हैं। वहां उनके प्रशासनिक अनुभव की काफी सराहना हुई।

राधाकृष्णन को हमेशा सरल स्वभाव और साफ छवि वाले नेता के रूप में जाना जाता है। यही गुण उन्हें जनता और कार्यकर्ताओं से जोड़ते हैं।

उनका जोर युवा वर्ग को राजनीति और समाजसेवा की ओर प्रेरित करने पर रहता है। वे शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान देते हैं।

सी.पी. राधाकृष्णन का मानना है कि राष्ट्र की प्रगति तभी संभव है जब हर वर्ग को न्याय और समान अवसर मिले। यही उनकी प्राथमिकता है।

उनके उपराष्ट्रपति बनने से दक्षिण भारत के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को और मजबूती मिली है, जो भारतीय राजनीति में संतुलन और विविधता को दर्शाता है।

अब पूरा देश उनसे अपेक्षा कर रहा है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों को और सुदृढ़ करेंगे तथा संसद को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से चलाएंगे।