हरियाणा सरकार ने नए वर्ष से पहले ही एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए Haryana Motor Vehicles Amendment Rules 2025 को मंजूरी दे दी है। इस संशोधित नीति के तहत अब राज्य में पर्यटन, व्यावसायिक और अन्य परमिट वाहनों की अधिकतम संचालन आयु (Operational Age Limit) को स्पष्ट रूप से तय कर दिया गया है। खास तौर पर NCR (नेशनल कैपिटल रीजन) में पुराने वाहनों को लेकर लगातार बढ़ते प्रदूषण और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के इस निर्णय ने न केवल परिवहन विभाग में एक नई स्पष्टता लाई है, बल्कि वाहन मालिकों और फ्लीट ऑपरेटरों के लिए आगामी वर्षों की रणनीति भी निर्धारित कर दी है।
क्यों ज़रूरी पड़े ये नए नियम?
हरियाणा सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में NCR की वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट को गंभीरता से लिया है। सर्दियों में बढ़ते प्रदूषण, पुराने डीज़ल वाहनों की काफी संख्या और अनियंत्रित व्यावसायिक संचालन के कारण पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ रहा था। नए नियमों का उद्देश्य है।पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाना, स्वच्छ ईंधन आधारित और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित करना, वर्षों से चले आ रहे आयु-सीमा के भ्रम को दूर करना, इससे राज्य में एक ऐसी परिवहन व्यवस्था तैयार होगी जो भविष्य की जरूरतों के अनुकूल हो।
NCR के लिए नई वाहन-आयु सीमा: पेट्रोल, CNG और डीज़ल पर सख्त नियम
नए कानून के तहत NCR में वाहनों का संचालन अब निम्नलिखित अधिकतम आयु के अनुसार होगा।पर्यटन वाहन (All India Tourist Permit),
✓पेट्रोल / CNG वाहन — अधिकतम 12 वर्ष
✓डीज़ल वाहन — अधिकतम 10 वर्ष
इस बदलाव का सबसे अधिक प्रभाव दिल्ली-NCR के बीच चलने वाली टूरिस्ट बसों, टैक्सियों और टेम्पो ट्रैवलर जैसी सेवाओं पर पड़ेगा। डीज़ल वाहनों पर कठोर नीति अपनाई गई है क्योंकि ये प्रदूषण के सबसे बड़े कारकों में से एक माने जाते हैं।
अन्य व्यावसायिक और परमिट वाहन, NCR में यह रहेगा नियम
स्कूल बसों, स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, मालवाहक वाहनों और अन्य व्यावसायिक गाड़ियों की सीमा इस प्रकार तय की गई है। पेट्रोल / CNG / इलेक्ट्रिक / अन्य स्वच्छ ईंधन , अधिकतम 15 वर्ष, डीज़ल वाहन — अधिकतम 10 वर्ष, यानी अगर कोई स्कूल बस या मालवाहक वाहन डीज़ल आधारित है, तो 10 वर्ष बाद वह NCR में नहीं चल सकेगा। इस कदम का उद्देश्य स्कूल जाने वाले बच्चों, यात्रियों और आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
गैर-NCR (बाकी हरियाणा) के लिए राहतभरे नियम
हरियाणा राज्य के गैर-NCR जिलों में नियम कुछ नरम रखे गए हैं। पर्यटन वाहन, पेट्रोल, CNG, डीज़ल ,सभी के लिए अधिकतम 12 वर्ष, अन्य व्यावसायिक वाहन, सभी ईंधन श्रेणियों के लिए अधिकतम 15 वर्ष, ये नियम इसलिए बनाए गए ताकि दूर-दराज के जिलों, ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में आर्थिक बोझ न बढ़े और व्यवसाय पर अचानक असर न पड़े।
बदलावों का सीधा असर: क्या होगा वाहन मालिकों पर प्रभाव?
✔ सकारात्मक प्रभाव
- पर्यावरण स्वच्छ होगा — पुराने धुआँ छोड़ने वाले वाहन सड़कों से हटेंगे।
- यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी — नए वाहन सुरक्षित तकनीक से लैस होंगे।
- इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा — नए नियम EV परिवर्तन को तेज करेंगे।
- व्यवसाय में पारदर्शिता — परमिट और फिटनेस नियम अधिक स्पष्ट होंगे।
✓संभावित चुनौतियाँ
- पुराने डीज़ल वाहन बदलने का खर्च — छोटे परिवहन व्यवसाय पर दबाव बढ़ सकता है।
- फ्लीट अपडेट का आर्थिक भार — स्कूल और पर्यटन क्षेत्र में लागत बढ़ेगी।
- रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण में प्रतिबंध — आयु सीमा पार होने पर तुरंत परिवर्तन करना पड़ेगा।
परिवहन कंपनियों के लिए क्या है आगे की रणनीति?
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब फ्लीट ऑपरेटरों को अगले 2–3 वर्षों में अपने वाहन बेड़े को नियमों के अनुसार ढालना होगा। नई योजना के तहत, डीज़ल आधारित टूरिस्ट वाहन जल्दी बदलने होंगे, NCR में CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी, स्कूल और कॉलेज बस ऑपरेटरों को सुरक्षा मानकों के अनुसार नई गाड़ियाँ अपनानी होंगी, निजी टैक्सी और कैब ऑपरेटरों के लिए EV शिफ्ट आर्थिक रूप से लाभदायक साबित हो सकता है, यह बदलाव आने वाले समय में हरियाणा को स्वच्छ परिवहन मॉडल बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।
क्यों कहा जा रहा है कि यह नियम 2025 की सबसे महत्वपूर्ण नीति है?
हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि उसके आस-पास के राज्यों की भूमिका भी उतनी ही आवश्यक है। NCR की हवा सामूहिक प्रदूषण से बनती है, इसलिए हरियाणा के इस फैसले से, पूरे NCR की AQI में सुधार, स्मॉग की समस्या में कमी, सर्दियों के प्रदूषण नियंत्रण में मदद, स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों की अपनाने की गति तेज, इन कारणों से यह नीति पर्यावरण और जनहित, दोनों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
हरियाणा सरकार द्वारा लागू किए गए Motor Vehicles (Amendment) Rules 2025 न केवल नियम-कानूनों में स्पष्टता लाते हैं, बल्कि भविष्य के सुरक्षित और पर्यावरण-हितैषी परिवहन का रास्ता भी तैयार करते हैं। जहाँ NCR में सख्त आयु सीमा प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक थी, वहीं गैर-NCR क्षेत्रों के लिए थोड़ी राहत देकर सरकार ने संतुलित निर्णय लिया है। आने वाले समय में यह बदलाव, स्वच्छ वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देगा, सड़क सुरक्षा के स्तर को सुधारेगा, परिवहन उद्योग को नई दिशा देगा, हरियाणा की यह नीति पूरे देश में “ग्रीन मोबिलिटी” के अभियान को एक नई ऊर्जा देने वाली है।
