BSNL ने अब देश की दूरसंचार यात्रा में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने BSNL के पूर्णतः स्वदेशी 4G network Stacks का शुभारंभ किया, जिसमे पूरे भारत में 97,500 4G/5G टावर्स और 26,700 गांवों तक high speed internet की सुविधा मिलेगा। इस पहल से भारत विश्व के उन चुनिंदा पांच देशों की सूची में शामिल हो गया है। जिसके पास स्वदेशी दूरसंचार तकनीकी उपलब्ध है, जैसे डेनमार्क, स्वीडन, साउथ कोरिया, चीन और अब भारत।
BSNL का डिजिटल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा कि BSNL का यह लॉन्च “निर्भरता से आत्मविश्वास तक की यात्रा” का प्रतीक है। यह परियोजना न केवल भारत की डिजिटल संप्रभुता को मजबूत और बढ़ाएगी बल्कि ग्रामीण भारत में भी डिजिटल कनेक्टिविटी, रोजगार, निर्यात और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलेगी।
“यह हमारे लिए गर्व का क्षण है कि भारत ने अपनी ही तकनीक से ऐसा नेटवर्क बनाया है, जो आने वाले दशकों में आत्मनिर्भर भारत की नींव बनेगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
BSNL का भारत टेलीकॉम स्टैक पूरी तरह स्वदेशी तकनीकी
BSNL ने इस स्वदेशी 4G/5G Network दूरसंचार तकनीकी को संचालित करने के लिए भारत की 3 स्वदेशी कंपनियों को दिया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज TCS, सेंटर फॉर डेवलेपमेंट ऑफ टेलीमेट्रक्स C-DOT और तेजस नेटवर्क लिमिटेड। भारत टेलीकॉम स्टैक पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित किया गया आधुनिक, सुरक्षित और क्लाउड आधारित नेटवर्क समाधान है। इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। ताकि इसे 5G और आगे की तकनीकी में आसानी से अपग्रेड किया जा सके।
BSNL का स्वदेशी 4G Network रिकॉर्ड मिशन मोड में तैयार
दो वर्षों के रिकॉर्ड टाइम में तैयार हुआ देश का सबसे तेज 4G Network दूरसंचार तकनीकी परियोजना। यह तकनीकि परियोजना एक मिशन मोड में पूरा किया गया। जिसमे BSNL, TCS, C-DOT, तेजस नेटवर्क और दूरसंचार विभाग ने काम किया। डेटा सेंटर स्थापना का काम टीसीएस TCS ने किया, C-DOT ने EPC कोर एप्लिकेशन विकसित किया और तेजस नेटवर्क ने बेस स्टेशन और रेडियो इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया। इसके अलावा TCS के Cognitive Network Operations (TCS C-NOPS™) प्लेटफ़ॉर्म ने नेटवर्क की 24×7 रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा दी। सिर्फ 2 वर्षो रिकॉर्ड टाइम पीरियड में 1 लाख से अधिक साइटों पर 4G network की तैनाती पुरी कर लिया गया। जिससे यह भारत का अब तक का सबसे तेज नेटवर्क डिप्लॉयमेंट बन गया ।
26,700 गांवों में पहुंचेगा high speed internet
इस स्वदेशी 4G लॉन्च के तहत भारत के 26,700 से अधिक दूर्गम और असंबद्ध्य गांवों को डिजिटल कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इसमें उड़ीसा के 2472 गांव, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, असम, गुजरात और बिहार के ग्रामीण क्षेत्र शामिल किए गए हैं। यह नेटवर्क विशेष रूप से सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण का बड़ा माध्यम बनेगा।
छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में, जहां बीएसएनएल की सेवाओं का व्यापक उपयोग होता है, 4G नेटवर्क के लागू होने से 3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बेहतर कॉल क्वालिटी, हाई-स्पीड इंटरनेट और वीडियो कॉलिंग जैसी सुविधाएँ मिलेंगी।इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आएगी बल्कि लघु उद्योगों, किसानों और छात्रों के लिए भी डिजिटल अवसर खुलेंगे।
BSNL के 97,500 मोबाइल टॉवर्स,अब भारत के कोने कोने तक पहुंचेगा सिग्नल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 97,500 से अधिक मोबाइल टॉवर्स का भी उदघाटन किया । जिसमे लगभग 92,600 4G सक्षम साइट्स शामिल हैं। इस टॉवर्स की स्थापना पर लगभग ₹36000 करोड़ की लागत आई है। यह टॉवर्स सौर ऊर्जा से संचालित है , जिससे पर्यावरण अनुकूल नेटवर्क स्थापित होगा। इस नई स्थापना से 20 लाख से अधिक नए उपभोक्ताओं को BSNL की तेज और स्थाई सेवाओं का लाभ मिलेगा।
BSNL के 4G ग्रामीण भारत को मिलेगा नई ताकत
BSNL के CMD ए रॉबर्ट जे रवि ने कहा कि “आज हम राष्ट्रीय गौरव की यादगार उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं। यह लॉन्च आत्मनिर्भर भारत की शानदार घोषणा है।”
high speed 4G network से ग्रामीण भारत में ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, e गवर्नेंस , csc सर्विसेज और नागरिक सेवाओं को एक क्लिक पर सुलभ बनाया जाएगा। इसके जरिए डिजिटल डिवाइड कम होगा और ग्रामीण शहरी अन्तर घटेगा।
निष्कर्ष
बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च न सिर्फ़ तकनीकी उपलब्धि है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक, आर्थिक और सामाजिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी है।
यह पहल यह साबित करती है कि जब भारत ठान ले, तो वह किसी भी क्षेत्र में विश्व-स्तर की तकनीक खुद तैयार कर सकता है।
अब भारत का हर गाँव, हर व्यक्ति, और हर सपना — डिजिटल भारत से सीधे जुड़ सकेगा।
