Gold-Silver Price Today India, सोने चांदी की कीमतों ने 1अक्टूबर 2025 को रचा नया इतिहास। 24 कैरेट सोना ₹118640/10 ग्राम और चांदी 151000/Kg की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा। जाने बढ़ोत्तरी के कारण।
सोना-चांदी ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, दाम छुए ऐतिहासिक ऊंचाई
भारत में सोने-चांदी की कीमतों ने 1 अक्टूबर 2025 को नया इतिहास रच दिया। दशहरे से ठीक एक दिन पहले सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी सरकार के शटडाउन और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों को सोने की तरफ मोड़ दिया है। इसके चलते भारतीय बाजार में सोने के दामों ने आसमान छू लिया।
24 कैरेट सोना ₹1,18,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा
दिल्ली और मुंबई समेत देशभर में सोने की कीमतें बढ़ोतरी के नए रिकॉर्ड बना रही हैं। 24 कैरेट सोना 1 अक्टूबर को ₹1,18,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो पिछले स्तर से ₹1,200 ज्यादा है। यह इस साल 2025 की शुरुआत से अब तक लगभग 45% की उछाल है। चेन्नई में तो सोने की कीमतों ने ट्रेडिंग के दौरान दो बार उछाल दर्ज किया और प्रति सोवरेन (8 ग्राम) ₹87,600 तक पहुंच गई।
प्रमुख शहरों में सोने की दरें (1 अक्टूबर 2025)
दिल्ली – ₹1,17,240 प्रति 10 ग्राम
मुंबई – ₹1,17,340 प्रति 10 ग्राम
चेन्नई – ₹1,17,780 प्रति 10 ग्राम
कोलकाता – लगभग ₹1,17,500 प्रति 10 ग्राम
चांदी ने भी रचा नया कीर्तिमान
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों ने भी इतिहास रचा। पहली बार चांदी ₹1,51,000 प्रति किलो के पार पहुंच गई। केवल पिछले 7 दिनों में इसमें ₹11,000 का उछाल देखने को मिला है।
सोने में तेजी की बड़ी वजहें
सोने की इस अभूतपूर्व तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण हैं:
1. अमेरिकी सरकार का शटडाउन – 7 साल बाद अमेरिका में सरकार के शटडाउन की स्थिति बनी है। निवेशकों ने सुरक्षित पनाहगाह (Safe Haven) के रूप में सोने को चुना है।
2. फेडरल रिजर्व पॉलिसी – बाजार में अक्टूबर में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट कटौती की 97% संभावना और दिसंबर में एक और कटौती की 76% संभावना जताई जा रही है।
3. अंतरराष्ट्रीय कीमतें – वैश्विक बाजार में सोने की स्पॉट कीमत $3,886.97 प्रति औंस तक पहुंच गई, जबकि दिन में यह $3,898.18 प्रति औंस तक गई थी।
4. आर्थिक आंकड़ों में देरी – अमेरिकी शटडाउन की वजह से नॉन-फार्म पेरोल जैसी महत्वपूर्ण रिपोर्ट टल सकती है, जिससे बाजार की अनिश्चितता और बढ़ गई है।
दशहरे पर खरीदारी घटने के आसार
भारत में सोना-चांदी की खरीदारी त्यौहारों पर सबसे ज्यादा होती है। लेकिन इस बार इतिहास की सबसे ऊंची कीमतों की वजह से खरीदारों का रुझान ठंडा पड़ सकता है। उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि ज्वेलरी की मांग में 27% गिरावट आ सकती है।2025 का यह त्यौहार सीजन सोने की खरीदारी के लिहाज से पिछले 5 सालों का सबसे कमजोर साबित हो सकता है। भारतीय बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार शहरी उपभोक्ता महंगे दामों की वजह से या तो खरीदारी टाल रहे हैं या फिर हल्के गहनों की ओर रुख कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए सोना बना मजबूत सहारा
जहां आम उपभोक्ता ऊंचे दामों से परेशान हैं, वहीं निवेशकों का झुकाव लगातार सोने की ओर बढ़ रहा है। सितंबर 2025 में गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में पिछले 3 सालों का सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिला। पोर्टफोलियो में विविधता लाने और आर्थिक अनिश्चितता से बचाव के लिए निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
भारतीय संस्कृति और सोने का रिश्ता
सोना सिर्फ निवेश ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है। शादियों से लेकर त्योहारों तक सोना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि कीमतें आसमान छूने के बावजूद सोने की मांग पूरी तरह खत्म नहीं होती। लोग कम मात्रा में ही सही, लेकिन सोना खरीदना शुभ मानते हैं।
विशेषज्ञ की रॉय आगे क्या होगा?
अगर अमेरिकी शटडाउन लंबा खिंचता है और फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटाता है, तो सोना और भी ऊंचा जा सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले महीनों में सोने की कीमतें ₹1,25,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। वहीं चांदी भी ₹1,60,000 प्रति किलो का स्तर छू सकती है।
निष्कर्ष
दशहरे से पहले सोने-चांदी की कीमतों ने ऐतिहासिक उछाल दर्ज किया है। भले ही आम उपभोक्ता गहनों की खरीद से पीछे हट रहे हों, लेकिन निवेशकों के लिए यह सुनहरा मौका साबित हो रहा है। सोने की चमक भारतीय परंपराओं से जुड़ी हुई है और यही वजह है कि ऊंची कीमतों के बावजूद इसकी मांग बनी रहती है। त्योहारों के इस सीजन में सोना खरीदना शुभ जरूर है, लेकिन समझदारी यही होगी कि निवेश और जरूरत दोनों को ध्यान में रखकर ही कदम उठाया जाए।
