Swasth Nari Sashkt Parivar 2025 : महिला सशक्तिकरण, पोषण सुधार और राष्ट्रीय विकास

Swasth Nari Sashkt Parivar 2025 अभियान, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का केवल एक स्वास्थ्य पहल नही है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, पोषण सुधार और राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। जब महिलाएं स्वास्थ्य होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होगा। जानिए महिला स्वास्थ्य जांच, पोषण और मातृ शिशु सेवाओं से जुड़ी पुरी जानकारी।

स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान 2025 का शुभारंभ

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” (Swasth Nari, Sashakt Parivar Abhiyaan) का आयोजन 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक पूरे देश में किया जाएगा। इस महाअभियान का राष्ट्रीय शुभारंभ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा मध्य प्रदेश के इंदौर से किया जाएगा। इस दौरान देशभर में हजारों स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें महिलाओं और बच्चों को मुफ्त जांच, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

यह अभियान ‘विकसित भारत@2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका सीधा उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करना है।

स्वस्थ नारी सशक्त परिवार प्रतिज्ञा पत्र (Pledge Certificate)

“स्वस्थ नारी सशक्त परिवार प्रतिज्ञा पत्र (Pledge Certificate)” बहुत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी दस्तावेज़ है। इसमें यह प्रमाणित किया गया है कि:

श्री मनोज कुमार शुक्ल ने “स्वस्थ नारी सशक्त परिवार” अभियान की प्रतिज्ञा ली है। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प लिया है। यह प्रतिज्ञा भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवाएँ महानिदेशालय (DGHS) की ओर से मान्यता प्राप्त है।

प्रमाणित हस्ताक्षर: डॉ. सुनीता शर्मा, महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाएँ

इस श्रेष्ठ अभियान की प्रमुख बातें

✓आयोजन : 17 Sept 2025, विश्व रचयिता श्री श्री विश्वकर्मा दिवस और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्म दिवस पर पूरे भारतवर्ष में ।

✓आयोजन अवधि: 17 सितंबर – 2 अक्टूबर 2025

✓विशेष अवसर: महात्मा गांधी जयंती (2 अक्टूबर) पर समापन

✓आयोजन स्थल: देशभर के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAMs), कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHCs) और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएँ

✓समन्वय: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिलकर “पोषण माह” के तहत संचालित

महिलाओं के लिए क्या स्वास्थ्य सेवाएं और सुविधाएँ होंगी?

अभियान के दौरान देशभर में 75,000 से अधिक स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी, जिनमें शामिल हैं:

महिला स्वास्थ्य जांच (Women’s Health Screening):

✓हाइपरटेंशन और डायबिटीज की जांच

✓मुख कैंसर, स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical Cancer) की स्क्रीनिंग

✓एनीमिया जांच और किशोरियों/महिलाओं को परामर्श

✓तपेदिक (टीबी) जांच, खासकर कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए

✓सिकल सेल रोग (SCD) जांच, SCD कार्ड वितरण और परामर्श

इन सेवाओं में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भी भागीदारी होगी। जैसे – स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, मनोरोग चिकित्सक, दंत चिकित्सक आदि।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं क्या हैं?

इस अभियान का दूसरा बड़ा फोकस माताओं और बच्चों पर होगा।

✓गर्भवती महिलाओं की एएनसी (Antenatal Care) जांच

✓मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड का वितरण

✓टीकाकरण अभियान – बच्चों के लिए आवश्यक टीके और डोज़

✓महिलाओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श

✓मोटापा रोकने के लिए चीनी और तेल का सीमित ✓सेवनप्रारंभिक बचपन की देखभाल एवं शिक्षा ✓(ECCE)शिशुओं और छोटे बच्चों की आहार पद्धतियां ✓(IYCF)पुरुषों की भागीदारी को बढ़ावा (Men-streaming)

✓स्थानीय पौष्टिक खाद्य संसाधनों को बढ़ावापोषण सेवाओं का डिजिटलीकरण और एकीकृत क्रिया

✓प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए विशेष पंजीकरण अभियान

किशोरियों और महिलाओं को पर्सनल केयर के लिए जागरूकता

अभियान केवल जांच और इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन (Awareness & Behaviour Change) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

✓मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) पर सत्र

✓महिलाओं और किशोरियों के लिए पोषण संबंधी जानकारी ।

✓खाना पकाने में तेल का उपयोग 10% तक कम करने पर विशेष अभियान।

✓स्वयं सहायता समूह (SHGs), पंचायत प्रतिनिधि (PRIs) और स्थानीय निकायों की भागीदारी ।

✓वेलनेस और न्यूट्रिशन सेशन इत्यादि।

क्यों जरूरी हैं यह अभियान?

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े कई गंभीर मुद्दे हैं –

✓एनीमिया (रक्ताल्पता) से पीड़ित हर दूसरी महिला

✓गर्भावस्था के दौरान कुपोषण और जटिलताएँ

✓स्तन कैंसर और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की बढ़ती दर

✓किशोरियों में कुपोषण और मासिक धर्म स्वच्छता की कमी

ऐसे में, यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराएगा बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने और स्वस्थ परिवार की नींव मजबूत करेगा।

इस महत्वपूर्ण अभियान से होने वाले लाभ क्या है?

1. महिलाओं की समय पर जांच और बीमारियों का प्रारंभिक पता चलेगा।

2. गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध होंगी।

3. महिलाओं में स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ेगी।

4. ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में भी विशेषज्ञ सेवाएँ पहुँचेंगी।

5. 2030 तक SDG लक्ष्य (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) को पूरा करने में योगदान।

इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के संदेश?

#SwasthNariSashaktParivar – स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और समाज की नींव है।

#StopObesity – मोटापे को रोकना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना।

टीबी हारेगा, देश जीतेगा – महिलाओं और समाज को तपेदिक मुक्त बनाने का संकल्प।

निष्कर्ष की बात

“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, पोषण सुधार और राष्ट्रीय विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। जब महिलाएँ स्वस्थ होंगी, तभी परिवार, समाज और राष्ट्र मजबूत होगा।

आइए, हम सब इस अभियान का हिस्सा बनें और ‘विकसित भारत@2047’ की परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान दें।